Chhattisgarh

बिलासपुर पुलिस के निजात अभियान का सकारात्मक असर अपराधों में दिखी प्रभावी कमी

*बिलासपुर पुलिस के निजात अभियान का सकारात्मक असर अपराधों में दिखी प्रभावी कमी*

*आईपीसी के कुल अपराधों में 10 फीसदी, मारपीट में 12 फीसदी, चाकूबाजी में 79 प्रतिशत, छेड़छाड़ में 34 फीसदी और चोरी में 15 प्रतिशत आई कमी*

*अभियान के तीन माह के दौरान ही एनडीपीएस व आबकारी में ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 1733 प्रकरणों में 1845 लोग गिरफ्तार हुए, जिसमे गैर- जमानतीय प्रकरणों में 301 आरोपी जेल भेजे गए।अपराधियों में मचा हड़कंप*

*नशे के विरुद्ध जनजागरुकता के तहत लोगों के सहयोग से स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर कुल 702 जागरूकता कार्यक्रम किए गए। जिले के थानों में नशे के आदी लोगों की लिस्टिंग कर उनकी विभिन्न संस्थाओं की मदद से की जा रही काउंसलिंग*

*कोटपा एक्ट में सार्वजनिक जगहों पर धूम्रपान करने वाले 263 व्यक्तियों पर कार्यवाही। शराब पीकर वाहन चलाने वाले 572 लोगों के विरुद्ध 185 MV एक्ट की कार्यवाही कर जप्त वाहन को माननीय न्यायालय पेश किया गया जहां प्रत्येक पर दस हजार रुपए का जुर्माना*

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नशे के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही के आदेश पर इस वर्ष फरवरी माह से पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा के निर्देशन में पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर श्री बी.एन. मीणा व पुलिस अधीक्षक बिलासपुर संतोष कुमार सिंह की उपस्थिति में अवैध नशा के विरुद्ध अभियान निजात की शुरुआत की गई थी । पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री संतोष कुमार सिंह के निर्देशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर श्री राजेंद्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री राहुल देव शर्मा के मार्गदर्शन में बिलासपुर के सभी थाना प्रभारियों द्वारा उनके क्षेत्र में अवैध नशा के कार्य में संलिप्त लोगों के विरुद्ध ताबड़तोड़ तरीके से कार्यवाही व व्यापक जागरूकता कार्यक्रम किए गए है।



फरवरी माह से शुरू किए गए अवैध नशे के खिलाफ कार्यवाही और जागरूकता अभियान निजात के तहत सिर्फ तीन माह के दौरान ही एनडीपीएस व आबकारी में ताबड़तोड़ कार्यवाही में कुल 1733 प्रकरणों में 1845 लोग गिरफ्तार हुए, जिसमे गैर- जमानतीय प्रकरणों में 301 आरोपी जेल भेजे गए है।

एसपी संतोष सिंह में बताया कि इन कार्यवाहियों का व्यापक असर अपराध में कमी के रूप में दिखा है। जब अभियान दौरान के तीन माह और पिछले वर्ष के इसी अवधि के अपराधों की तुलना की गई तो पाया गया कि आईपीसी के कुल अपराधों में 10 फीसदी, चाकूबाजी में 79 प्रतिशत, मारपीट में 12 प्रतिशत, छेड़छाड़ में 34 फीसदी और चोरी व नकबजनी में 15 प्रतिशत कमी आई है। यद्यपि की कुल अपराधों में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी होकर 3692 अपराध दर्ज हुए है, जो की मुख्यतः एनडीपीएस और आबकारी में बढ़ी कार्यवाहियां की वजह से हैं।

तुलनात्मक अवधि में इस वर्ष पिछले साल के कुल मारपीट के 1007 मामलों की बजाय 884 अपराध, चाकूबाजी के 24 की बजाय 5 अपराध, चोरी नकबजनी के 385 के बजाय 328, छेड़खानी के 41 की बजाय 27 अपराध कायम हुए है। भादवि के पिछले साल के कुल 1967 अपराधों की तुलना में 1776 अपराध ही कायम हुए। उत्तरोत्तर सड़क दुर्घटनावों पर की बढ़ोतरी में ब्रेक लगा है और यह बढ़ा नहीं है।

अभियान दौरान आबकारी के 1644 प्रकरणों में कुल 1731 लोग और एनडीपीएस के 89 प्रकरणों में कुल 114 आरोपी गिरफ्तार हुए है। आबकारी में गिरफ्तार लोगों में बड़ी संख्या सार्वजनिक स्थलों पर शराब सेवन कर हुडदंग करने वाले लोग हैं और कुल 3428 लीटर अवैध शराब जप्त हुई। एनडीपीएस प्रकरणों के 89 प्रकरणों में 573 किलो गांजा और अन्य नशीली वस्तुएं जप्त हुआ। कुल 78 लाख कीमती मशरूका जप्त हुई। अवैध शराब, गांजा के अलावा चरस 15 ग्राम, एमएएमडी 4.9 ग्राम, नशीले इंजेक्शन 4081 नग, टैबलेट 694 नग, सीरप 827 नग, बोनफिक्स 940 नग टयूब जप्त किया गया है।

कोटपा में 263 लोगों पर कार्यवाही हुई। नशा में गाड़ी चलाने वाले 572 लोगों पर एमवी एक्ट के कार्यवाही करते हुए प्रत्येक प्रकरण को कोर्ट भेजा गया, जहां प्रत्येक ऐसे चालक पर दस-दस हजार रुपए का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।

नशे के विरुद्ध जनजागरुकता के तहत कुल स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक जगहों पर 702 कार्यक्रम किए गए और आदी सैकड़ों लोगों की थाने में काउंसलिंग हुई।

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Manish Tiwari

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