600 करोड़ के PDS घोटाला में वसूली और दोषी अफसरों पर कार्रवाई को सार्वजनिक करें सरकार – बीजेपी

छत्तीसगढ़ बीजपी प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने प्रदेश सरकार से पीडीएस मामले में अब तक हुई जांच वसूली और दोषी अफसरों पर कार्रवाई को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 600 करोड़ रुपए के इस पीडीएस घोटाले को विधानसभा में स्वीकार करते हुए प्रदेश सरकार ने विधानसभा कमेटी के बजाय अधिकारियों से जांच कराने की बात कही थी। विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने यह मामला उठाया था और अतिशेष स्टॉक को लेकर खाद्य विभाग और जिला प्रशासन के आंकड़ों में अंतर होने की बात कही थी।
उन्होंने कहा कि 59 लाख मीट्रिक टन चावल गायब होने की जांच कराने की मांग करके डॉ. सिंह ने बड़े घोटाले के खुलासे का दावा किया था। विधानसभा में खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने स्वीकार किया था कि 4 हजार 952 राशन दुकानों में 41 हजार टन चावल की कमी पाई गई है। खाद्य मंत्री ने सदन को 24 मार्च, 2023 तक सभी जिलों की कार्रवाई पूर्ण कर विभाग को प्रस्तुत करने के निर्देश की जानकारी भी दी थी।
पूर्व सीएम रमन ने घोटाला का किया था खुलासा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि पीडीएस के इस घोटाले में अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने अधिकारियों के बजाय विधानसभा की कमेटी से इसकी जांच कराने की मांग विधानसभा में की थी, लेकिन प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर उन अधिकारियों से इस घोटाले की जांच कराने की बात कही, जिन्होंने इस पूरे घोटाले को अंजाम दिया था। इससे अधिक प्रदेश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण कुछ और नहीं हो सकता। शर्मा ने सवाल किया कि क्या प्रदेश सरकार ने इस घोटाले की ठीक-ठीक जांच कराई? जांच के बाद वसूली की बात भी प्रदेश सरकार ने स्वीकार की है। बीजपी प्रदेश प्रवक्ता संदीप शर्मा ने कहा कि अब प्रदेश सरकार को इस पूरे घोटाले की जांच कर सच प्रदेश के सामने रखना चाहिए।
बीजेपी ने उठाए सवाल
पीडीएस घोटाले में सरकार ने कितनी वसूली की?
मामले में किन अधिकारियों ने भ्रष्टाचार किया?
उन भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने क्या कार्रवाई की है?
कितने अधिकारियों को राज्य सरकार ने दंडित कर जेल भेजा ?
सरकार मामले की जांच और कार्रवाई की तथ्यपरक जानकारी जनता को दें।



