Chhattisgarh

रायपुर समेत पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी:जमीन का सरकारी रेट पांचवें साल भी नहीं बढ़ा, 30 फीसदी छूट जारी

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि जमीन की सरकारी कीमत यानी कलेक्टर गाइडलाइन रेट लगातार पांचवें साल भी नहीं बढ़ा। पंजीयन विभाग ने 31 मार्च की शाम रायपुर समेत पूरे प्रदेश के लिए आदेश जारी किया कि कलेक्टर गाइडलाइन रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

2019 का गाइडलाइन रेट 2023-24 में भी रहेगा, अर्थात जमीन की सरकारी कीमत में 30 प्रतिशत की छूट भी जारी रहेगी। इसका आशय यह है कि पांच साल पहले लोग रायपुर समेत पूरे प्रदेश में जिस खर्च पर रजिस्ट्री करवा रहे थे, अभी भी खर्च उतना ही रहेगा। नई गाइडलाइन तय करने के लिए मार्च के दूसरे हफ्ते में प्रदेश के ज्यादातर जिलों ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि गाइडलाइन रेट कम होने की वजह से सरकारी राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

ऐसे में इस साल यानी 2023-24 के लिए भी सरकारी कीमत में बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। गाइडलाइन रेट नहीं बढ़ाने का फैसला इसी आधार पर लिया गया है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि चुनावी साल में सरकार आम लोगों के लिए रजिस्ट्री का खर्च नहीं बढ़ाना चाहती, इसलिए यह निर्णय हुआ। गौरतलब है कि दैनिक भास्कर ने 11 मार्च को ही खबर प्रकाशित कर बता दिया था कि इस साल कलेक्टर गाइडलाइन में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।

रजिस्ट्री चार साल में करीब दोगुनी
राज्यभर में जब से गाइडलाइन रेट कम किया गया है, सरकार की रजिस्ट्री से होने वाली आय लगातार बढ़ रही है। 2019-20 में करीब 1200 करोड़ की आय हुई थी, जो 2022-23 में बढ़कर 2100 करोड़ के पार हो गई है। अभी 31 मार्च 2023 तक 2200 करोड़ से ज्यादा की रिकार्ड रजिस्ट्री दर्ज की गई है। जो तय टारगेट से 110 फीसदी है। राज्य बनने के बाद 23 साल में पहली बार ऐसा हुआ, जब रजिस्ट्री से शासन को होने वाली आय 2200 करोड़ के पार हुई है।

राजधानी मेंआखिरी दिन 4.50 करोड़ की रजिस्ट्री
राजधानी में आखिरी दिन यानी 31 मार्च को 4.50 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्री हुई। इस वित्तीय साल यानी 2022-23 में 825 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्री दर्ज की गई है। 2021-22 की शुरुआत में 545 करोड़ की रजिस्ट्री का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन बाद में 623 करोड़ का रिवाइज टारगेट दिया गया। 31 मार्च 2022 तक रायपुर जिले में 730 करोड़ की रजिस्ट्री हो गई थी। इस साल विभाग ने 776 करोड़ का टारगेट दिया था, लेकिन यह लक्ष्य जनवरी में ही पूरा हो गया। इस वजह से इस लक्ष्य को बढ़ाकर 805 करोड़ कर दिया गया है। आखिरी दिन तक 800 करोड़ से ज्यादा की रजिस्ट्री दर्ज की गई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा करीब 6000 रजिस्ट्री रायपुर जिले में ही हुई है। रायपुर में पहली बार ऐसा हो रहा है रजिस्ट्री से इनकम 800 करोड़ से ज्यादा की हो रही है।
“आम लोगों को राहत देने के लिए इस साल भी कलेक्टर गाइडलाइन में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 30 फीसदी की छूट 2023-24 में भी जारी रहेगी।” -निरंजन दास, सचिव-पंजीयन

पहली सरकार जिसने 5 साल नहीं बढ़ाए रेट
राज्य में कांग्रेस की पहली सरकार है जिसके कार्यकाल में कलेक्टर गाइडलाइन में किसी भी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार बनने के बाद 2019-20 में पहली बार कलेक्टर गाइडलाइन रेट बढ़ाने के बजाय 30 प्रतिशत घटा दी गई थी। इस कमी को बरकरार रखते हुए 2020-21, 2021-22 और 2022-23 में कलेक्टर गाइडलाइन में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। इस वित्तीय साल भी यानी 2023-24 में भी इस पर कोई बदलाव नहीं किया जा रहा है।

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Manish Tiwari

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