LPG से ITR फाइलिंग तक, आज से बदल गए ये पांच नियम, आप पर पड़ेगा सीधा असर

आज से नए महीने की शुरुआत हो चुकी है. मंगलवार एक अगस्त 2023 से देश में कई बड़े बदलाव होने जा रहे हैं, जिनका आम आदमी पर सीधा असर होगा. इनमें रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों से लेकर नए घर खरीदने तक के नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड से लेकर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने (ITR Filing) तक से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहे हैं. आइए जानते हैं कि एक अगस्त 2023 से देश में क्या-क्या बदलाव होने जा रहे हैं.
ITR फाइल करने पर लगेगा जुर्माना
एसेसमेंट ईयर 2022-23 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR दाखिल करने की लास्ट डेट आज यानी 31 जुलाई 2023 थी. हालांकि ये डेडलाइन उन टैक्सपेयर्स के लिए हैं, जिन्हें अपने खातों का ऑडिट नहीं कराना है. 1 अगस्त से ये मौका खत्म हो जाएगा और आपको आईटीआर दाखिल करने के लिए जुर्माना देना पड़ सकता है.
गौरतलब है कि देरी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने पर 5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले टैक्सपेयर्स को 1000 रुपये, जबकि 5 लाख रुपये से अधिक की वार्षिक आय पर 5,000 रुपये की लेट फीस वसूले जाने का प्रावधान किया गया है. वहीं अगर करदाता 31 दिसंबर 2023 के बाद ITR Filing करता है तो फिर उसे डबल यानी 10,000 रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है.
सस्ता हुआ LPG
ऑयल कंपनियों ने सिर्फ कर्मशियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम घटाए हैं. घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है. सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती हैं. पिछले महीने में कमर्शियल रसोई गैस की कीमतों में बदलाव हुआ था.
एक अगस्त को पेट्रोलियम कंपनियों ने कमर्शिल रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 100 रुपये की कटौती की है. इस कटौती के बाद देश की राजधानी दिल्ली में कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर के दाम 1680 रुपये हो गए हैं. इससे पहले चार जुलाई 2023 को कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में मामूली सात रुपये की बढ़ोतरी की गई थी.
डेवलपर्स को लगाना होगा QR कोड
महाराष्ट्र रियल स्टेट रेगुलेटर ने डेवलपर्स से एक अगस्त से सभी विज्ञापन और प्रमोशन पर QR कोड लगाने को कहा है. ताकि घर खरीदने वालों को उनके बारे में तुरंत जानकारी मिल सके. ऐसा नहीं करने पर डेवलपर्स को 50,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा. जुर्माना लगाने के बाद भी अगर कोई डेवलपर्स QR कोड नहीं लगाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
ई-चालान योजना
एक अगस्त से अधिक व्यवसायों को ई-इनवॉइसिंग योजना के तहत लाया जाएगा. इसका उद्देश्य बिजनेस-टू-बिजनेस बिक्री को ट्रैक करना है और छोटे व्यवसायों को गुड्स और सर्विसेज टैक्स (GST) के बिना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए बेचने की अनुमति दी जाएगी. ई-चालान योजना रिटेल लेवल पर बिक्री के अलावा अन्य सभी बिक्री को कवर करती है.



