रायपुर:अमलीडीह तालाब, खर्च पर खर्च, नतीजा कुछ नहीं:तालाब साफ नहीं किया अब 25 लाख सौंदर्यीकरण में करेंगे खर्च
अमलीडीह तालाब की सफाई के लिए एक साल पहले नगर निगम ने साढ़े पांच लाख रुपए स्वीकृत किए थे, लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हो पाया। अब इसी तालाब में स्मार्ट सिटी 25 लाख खर्च कर सौंदर्यीकरण कर रहा है। इसके तहत तालाबों के किनारे पचरी में काम चल रहा है। पेवर ब्लाक लगाए जा रहे हैं। पेंटिंग हो रही है। पानी नहीं है। अब जब इस बारे में अफसरों से बात की तो उनका कहना है कि स्मार्ट सिटी को जो काम मिला था, वो कर रहा है, तालाब के गहरीकरण या सफाई के विषय में वो कुछ नहीं कर सकते। इधर, जब ये सवाल उठाया गया कि सौंदर्यीकरण के बाद जब गहरीकरण या सफाई का काम होगा, तो सौंदर्यीकरण में किए गए पैसे बर्बाद होंगे, तो इस पर अफसरों ने चुप्पी साध ली। हालांकि पार्षद ने कहा कि सौंदर्यीकरण के बाद भी कुछ रास्ते छोड़े जाएंगे, ताकि सौंदर्यीकरण प्रभावित न हो।
पिछले साल जब साढ़े पांच लाख का बजट पास हुआ था, तब स्थिति यह थी कि तालाब का पानी गंदा था। निस्तारी के काम तक नहीं आ रहा था, ऊपर से बदबू अलग। भास्कर ने इसे लेकर स्थानीय लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि पानी में गंदगी की शिकायत वार्ड पार्षद से की थी और पार्षद महापौर एजाज ढेबर से मिले। महापौर ने साढ़े पांच लाख रुपए स्वीकृत किए, लेकिन पहले तो बारिश के कारण काम शुरू नहीं होना बताया।
बारिश के बाद ठंड और अब गर्मी आ गई है, लेकिन काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। 2 महीने बाद फिर बरसात शुरू हो जाएगी। वहीं दूसरी ओर इस तालाब परिसर में गार्डन भी है जिसका सौंदर्यीकरण स्मार्ट सिटी द्वारा लगभग 25 लाख रुपए से किया जा रहा है। तालाब के चारों ओर पचरी में पत्थर, गार्डन में पेवर ब्लाक भी लगाए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि तालाब के पानी को निकाल दिया गया है, सफाई नहीं है और सौंदर्यीकरण का काम हो रहा है। ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान नहीं है। गार्डन में मिले राहुल कहते हैं कि पहले तालाब की सफाई, गहरीकरण किया जाना था फिर गार्डन का सौंदर्यीकरण करवाते, यहां उल्टा हो रहा है। पूरा काम होने के बाद तालाब की सफाई की जाएगी।
इस विषय में जानकारी लेता हूं। पहले अगर गहरीकरण का काम किया जाना होगा, तो पहले वही होगा। ताकि सौंदर्यीकरण के समय कोई टूट फूट न हो और पैसे की बर्बादी न हो। एजाज ढेबर, महापौर, रायपुर



