जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ को बड़ा झटका, 400 ने छोड़ी पार्टी

बिलासपुर)। विधानसभा चुनाव 2023 की तैयारी में जुटी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) को बिलासपुर में बड़ा झटका लगा है। यहां प्रदेश सचिव, महिला और युवा विंग के पदाधिकारियों के साथ ही करीब 400 कार्यकर्ताओं ने पार्टी छोड़ दी है। इसके साथ ही पदाधिकारियों ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी पर निष्क्रियता के आरोप लगाए हैं
पार्टी के प्रदेश सचिव करण मधुकर सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रेस कान्फ्रेंस लेकर पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी पर उदासीनता और निष्क्रियता का आरोप लगाया है। इसके चलते उन्होंने अपने पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के बिलासपुर जिले के विभिन्न विंग के अध्यक्ष, जिसमें करण मधुकर प्रदेश सचिव कोर कमेटी सदस्य, मस्तूरी विधानसभा प्रभारी व बिलासपुर लोकसभा अध्यक्ष जिला शहर अध्यक्ष बी राज (जोगी कांग्रेस युवा मोर्चा ), जिला ग्रामीण उपाध्यक्ष गुड्डा कश्यप, प्रदेश संगठन मंत्री (अल्प संख्यक विभाग) बबलू जार्ज , महिला विंग की जिला अध्यक्ष ललिता भारद्वाज, जिला उपाध्यक्ष ब्रज किशोर गावस्कर, जिला महामंत्री महिला विंग सीता देवी , रमा रात्रे, फूलचंद
पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने छत्तीसगढ़ की अस्मिता और छत्तीसगढ़ियावाद को बढ़ावा देने के लिए अलग से पार्टी का गठन किया था। इससे प्रेरित होकर सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उनके साथ जुड़े थे। लेकिन स्व. जोगी के जाने के बाद पार्टी में विचारों का अभाव है। वहीं उन्होंने पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष की निष्क्रियता व नेतृत्व के अभाव होने का आरोप लगाया है। उन्होंने यह भी कहा है कि अब इस पार्टी में नेतृत्व का अभाव नजर आने लगा है।
विधायक धर्मजीत सिंह की तारीफ
इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के स्वर्गवास के बाद वरिष्ठ नेता धर्मजीत सिंह ने पार्टी को संभालने का प्रयास किया था। जोगी के जाने के बाद वे पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की पूछपरख करते थे और पार्टी की कमान अच्छे से संभाल रहे थे। लेकिन उनके जाने के बाद पार्टी गर्त में चली गई और अमित जोगी उदासीन हो गए।
सदस्यता अभियान की शुरुआत
अमित जोगी की मौजूदगी में स्थानीय पदाधिकारियों ने शनिचरी रपटा से पार्टी की सदस्यता अभियान की शुरुआत की है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर सदस्यता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन सदस्यता अभियान शुरू होने के पहले ही पदाधिकारियों के इस्तीफे से पार्टी पदाधिकारियों में हड़कंप मच गया है।



