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चंद्रयान-3 ने भेजी तस्वीर तो चांद पर दिखाई दिए बड़े-बड़े गड्ढे, जानिए क्या है इसका कारण?

फिल्मों से लेकर असल जिंदगी में जब भी हमें किसी की खूबसूरती की तारीफ करना होती है तो हम उसकी तुलना चांद से करते हैं। लेकिन शायद अब हमें ऐसी तुलना करनी बंद कर देनी चाहिए। दरअसल हुआ यह है कि हाल ही में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो ने चंद्रमा की कुछ तस्वीरें दुनिया के साथ साझा की है। इन तस्वीरों को चंद्रयान-3 से लिया गया है। इन तस्वीरों में चंद्रमा पर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। इन बड़े-बड़े गड्डों को ‘चांद के दाग’ कहा जा रहा है। हालांकि कई लोगों को यह पता नहीं है कि चंद्रमा पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे क्यों बने होते हैं। अगर आपको भी इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, तो चलिए हम आपको बताते हैं।

चांद पर क्यों होते हैं ‘दाग’?
दरअसल चंद्रमा पर बड़े-बड़े गड्ढे होने के पीछे उल्कापिंड, छोटे ग्रह और धूमकेतु जिम्मेदार हैं। पिछले करोड़ों सालों में कई उल्कापिंड, छोटे ग्रह और धूमकेतु की चंद्रमा की सतह से टक्कर हुई है। हर एक टक्कर से चंद्रमा की सतह पर बड़े-बड़े गड्ढे बनते गए। इस घटना को इम्पैक्ट क्रेटर कहा जाता है। ऐसा नहीं है कि यह घटना चंद्रमा के साथ ही होती है बल्कि पृथ्वी के साथ भी ऐसा हो चुका है। अब तक पृथ्वी पर करीब 180 इम्पैक्ट क्रेटर के बारे में पता लगाया जा चुका है।

290 किलोमीटर का गड्डा
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि चंद्रमा पर बना सबसे बड़ा गड्डा 290 किलोमीटर की है। यह गड्डा तब बना था, जब एक 40 किलोग्राम का पत्थर 90 हजार किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराया था। इस गड्डा इतना बड़ा है कि आप इसे टेलिस्कोप की सहायता से जमीन से भी देख सकते हैं। इसके अलावा भी चंद्रमा पर करीब 14 गड्ढे मौजूद हैं।

करोड़ों साल रहते हैं गड्ढे
दरअसल चंद्रमा पर पृथ्वी की तरह वातावरण नहीं है। पृथ्वी पर ऐसे गड्ढे होते हैं तो उनमें पानी या मिटटी भर जाती है। इन गड्डों में पेड़-पौधे उग जाते हैं। धीरे-धीरे यह गड्ढे भर जाते हैं। वहीं चंद्रमा पर ऐसा कुछ होता है। यही कारण है कि वहां गड्ढे करोड़ों साल तक ऐसी ही रहते हैं।

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Manish Tiwari

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