सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कराए चुनाव, बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष और सचिव को सहायक पंजीयक फर्म्स एंड सोसायटी ने दिए निर्देश

बिलासपुर प्रेस क्लब के 2 वर्षीय कार्यकाल की तिथि 24 जुलाई2023 को समाप्त होने जा रही है। कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव करा लिए जाने की मांग प्रेस क्लब के सदस्यों द्वारा की जा रही है। वर्तमान कार्यकारिणी निर्धारित समय पर चुनाव कराने की इच्छुक नहीं है। यही कारण है कि अब वर्तमान कार्यकारिणी के खिलाफ प्रेस क्लब सदस्यों में आक्रोश पनपने लगा है।

दरअसल चुनाव न कराने के पीछे कोई गोपनीय एजेंडे को लागू करने की चर्चा पत्रकारों के बीच हो रही है। नियमों के तहत 24 जुलाई से पहले पदाधिकारियों को चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी जानी चाहिए थी मगर ऐसा ना कर छुपे हुए किसी एजेंडे को लागू करने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे प्रेस क्लब के वर्षों पुराने बायलाज का उल्लंघन माना जा रहा है।

इस संबंध में प्रेस क्लब के कई सदस्यों ने 3 जुलाई को सहायक पंजीयक फर्म सोसायटी से चुनाव कराए जाने की मांग की गई थी। जब इस मांग पर कोई कार्यवाही नहीं हुई तब सदस्यों ने सचिव के समक्ष अपनी मांग दुहराई जिसके बाद सचिव के द्वारा वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल समाप्त होने की तिथि नजदीक आने की जानकारी देकर कलेक्टर और सहायक पंजीयक फर्म्स सोसायटी से अविलंब नियमों के तहत चुनाव कराए जाने की मांग रखी।
हालांकि इसके पूर्व प्रेस क्लब अध्यक्ष के समक्ष भी ये बात उन्होंने उठाई थी मगर इस बात को अनसुना कर दिया गया था। कलेक्टर और सहायक पंजीयक फर्म सोसायटी ने इस मामले को गंभीरता से लिया, और शिकायत मिलने के तुरंत बाद प्रेस क्लब अध्यक्ष को निर्धारित समय में पंजीकृत नियमावली के नियमों के प्रावधानों के अनुसार चुनाव सम्पन्न कराने और निर्वाचित पदाधिकारियों की सूची प्रस्तुत करने के अपने दायित्वों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर निर्वहन करना सुनिश्चित करने कहा है।
उन्होंने प्रतिलिपि में प्रेस क्लब सचिव को भी इसी तरह का निर्देश देकर कहा कि कार्यकाल समाप्ति की स्थिति में निर्वाचन संबंधी कार्यवाही पंजीकृत नियमावली के नियमों के प्रावधानों के अनुसार कार्यवाई सुनिश्चित करने कहा है।
मालूम हो कि इसके पहले हमेशा से ये होता रहा है कि कार्यकाल समाप्ति से पहले आखरी आमसभा में चुनाव तारीख की घोषणा की जाती रही है। आम सभा में चुनाव अधिकारी तय किए जाते हैं और उन्हें निर्धारित समय अवधि में चुनाव कराने कहा जाता है। मगर इस कार्यकारिणी ने इसका पालन नहीं किया है। और 12 जुलाई को आम सभा बुलाकर आय-व्यय का ब्यौरा देकर समय खींचने का प्रयास किया जा रहा है। इस कार्यकारिणी की इसी मंशा से पत्रकारों में रोष नजर आ रहा है।



