उजड़ गए आशियानें, चीखते रहे लोग: 39 मकानों पर चला बुलडोजर, नम आंखों से कहा- अब कुछ भी नहीं बचा, देखें तस्वीरें

आम आदमी को जाम से निजात दिलाने के लिए प्रदेश में अवैध कब्जों और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अतिक्रमणकारियों और अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ प्रशासन और पुलिस को सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया है।
इसी के तहत हरदोई जिले की नगर पंचायत कुरसठ में सोमवार को प्रशासन ने अवैध अतिक्रमण को हटाने के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 39 मकानों व झोपड़ियों पर बुलडोजर चला है। नगर पंचायत के मोहल्ला जवाहर नगर में तालाब की जमीन पर अवैध भवनों का निर्माण व अतिक्रमण था।
इसी जमीन को खाली कराने के लिए हाईकोर्ट के आदेश पर एसडीएम बिलग्राम नारायन सिंह, सीओ सतेंद्र सिंह, ईओ कुरसठ, माधौगंज, मल्लावां, सांडी सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। यहां जेसीबी से 39 लोगों के तालाब की जमीन पर बने मकान, झोपड़ी, कारखाना आदि जमींदोज कर दिए गए।
कार्रवाई का बना था प्लान, पुलिस बल न मिलने पर था टला
एसडीएम ने बताया कि कुछ दिन पूर्व अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने का प्लान तैयार किया गया था। पुलिस बल के न मिलने के कारण आगे टाला गया था। वहीं इस कार्रवाई से लोगों में काफी नाराजगी भी देखने को मिली है। हालांकि लोगों को पहले ही अवगत कराया गया था।
बुलडोजर को देख चीख पड़े थे मोहल्लावासी
मोहल्ला में जैसे ही जेसीबी मशीन चली…वैसे ही मोहल्ले के लोग चीखते-चिल्लाते दिखाई दिए। लोगों ने प्रशासन के समक्ष और समय देने की गुहार लगाई। इस पर अधिकारियों ने कहा कि मोहल्ले में मुनादी कराकर लोगों को अलर्ट भी किया जा चुका था। फिर भी अवैध अतिक्रमण नहीं हटाया गया था।
2020 में उच्च न्यायालय में दाखिल किया था वाद
नगर पंचायत कुरसठ की अधिशासी अधिकारी देवांशी दीक्षित ने बताया कि मोहल्ला अशोक नगर निवासी कमलेश कुमार की ओर से वर्ष 2020 में उच्च न्यायालय में वाद दाखिल किया था। इसी वाद पर उच्च न्यायालय ने तालाब की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाए जाने के आदेश दिए हैं।
बुधवार को जारी हुआ था पत्र
टीम को बुधवार को नगर पंचायत के तालाब की भूमि गाटा संख्या 1604-थ पर अवैध अतिक्रमण हटाने का पत्र जारी किया गया था। साथ ही, अतिक्रमणकारियों की सूची एसडीएम को प्राप्त करा दी गई थी। इसमें 39 व्यक्तियों के कच्चे और पक्के मकान, शौचालय और अस्थायी कब्जा है। कई लोग परिवार सहित रहते भी हैं।





