छत्तीसगढ़: इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट की पढ़ाई में हटाया उम्र का बंधन, छत्तीसगढ़ सरकार ने लिया ये बड़ा फैसला

छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने इंजीनियरिंग-प्रबंधन की पढ़ाई से उम्र बंधन को हटा दिया है। इसके साथ ही जो भी सीटें खाली रहेंगी उन पर किसी भी राज्य के विद्यार्थी प्रवेश ले सकेंगे। उम्र बंधन हटने से अब प्रदेश के कालेजों में कोई भी व्यक्ति कभी भी इंजीनियर बन सकेगा। अभी तक प्रदेश में अधिकतम 30 वर्ष के विद्यार्थी इंजीनियरिंग में प्रवेश ले पाते थे। प्रदेश के सरकारी कालेजों में केवल छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को ही प्रवेश दिया जाता रहा है। अन्य राज्यों का 10 प्रतिशत कोटा होता था। अब अन्य राज्यों का 10 प्रतिशत कोटा को खत्म करके जितनी भी रिक्त सीट होगी उन पर दाखिला कराया जाएगा।
निजी स्थानों में 15 प्रतिशत मैनजमेंट कोटा भी होगा। विद्यार्थी के डाक्यूमेंट का वैरीफिकेशन प्रवेशित संस्थान में ही होगा। अभी तक यह काउंसिलिंग में होता था। इंजीनियरिंग के संस्थानों की तरह अब प्रबंधन, पालिटेक्निक, फार्मेंसी, मास्टर आफ कंप्यूटर एप्लीकेशन में भी दाखिले की उम्र सीमा को हटा दिया गया है। तकनीक शिक्षा विभाग के दाखिले के नियम को संशोधित कर राज्य सरकार ने इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इसी शिक्षा सत्र 2023-23 से ये नियम प्रभावी होंगे।
चार वर्ष में बंद हुए 13 इंजीनियरिंग कालेज
चार वर्ष में पहले शिक्षा सत्र 2018-19 में बैचलर आफ इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए कुल 18 हजार 529 सीटें थीं। उस दौरान प्रदेश में 47 इंजीनियरिंग कालेज थे मगर कोरोना काल के बाद प्रदेश में कालेजों की संख्या घटकर महज 34 रह गई है। इंजीनियरिंग कालेजों में 7,015 सीटें कम हो गई हैं। पिछले चार वर्षों में 50 प्रतिशत सीटें खाली रह गईं थीं। पिछले वर्ष भी 49 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हो पाए थे। जबकि 51 प्रतिशत सीटें खाली ही रह गई थी।



