Chhattisgarh

धमतरी में पांच चिताओं पर जले 11 शव: नम हो गईं पूरे गांव की आंखें; बालोद में हुए हादसे में चालक सहित सभी की मौत

छत्तीसगढ़ में धमतरी के सोरम गांव में गुरुवार को एक साथ 11 चिताएं जलीं। इनमें 10 लोग एक ही परिवार के थे। इन सभी की बुधवार देर रात बालोद के जगतरा में हुए सड़क हादसे में मौत हो गई। एक ही गाड़ी से सभी शादी में जा रहे थे। इसी दौरान ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में धरमराज साहू सहित परिवार एक पल में खत्म हो गया। इसमें दो बच्चों सहित पांच महिलाएं भी थीं। सभी के शव छह एंबुलेंस से दोपहर में गांव पहुंचे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं। पूरा गांव श्मशान घाट की ओर उमड़ पड़ा।

परिवार में दो बेटे और बूढ़ी मां बची
धरमराज साहू खेती करता था। इसके अलावा पूरा परिवार मिलकर छोटा मोटा व्यवसाय किया करते थे। एक पान की गुमटी भी है। धरमराज तीन बेटे थे। इनमें से एक बेटा गरियाबंद में रहता है, जबकि दूसरा हादसे के समय गांव में ही था। इस सड़क हादसे के बाद अब परिवार में उसके दो बेटे और बूढ़ी मां ही बची हैं। हादसे में धरमराज (55), पत्नी उषा (52), बेटा केशव (34), भाई की पत्नी लक्ष्मी (45) बहू टोमिन (33), संध्या (24), रमा (20), भतीजा शैलेंद्र (22), योग्यांश (3), डेढ़ साल का ईशान और चालक डोमेश ध्रुव (19) की मौत हुई है।

मुख्यमंत्री ने चार-चार लाख आर्थिक सहायता का ऐलान किया
हादसे की जानकारी मिलने पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के आश्रितों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। वहीं धमतरी विधायक रंजना साहू ने मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये देने की बजाए अधिक राशि देने की मांग की है। इससे पहले संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा पीड़ित परिवारों के बीच शवगृह में पहुंची। उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से उचित मुआवजे के लिए बात करेंगी।

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Manish Tiwari

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