Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ में एप्प से होगी कुपोषित बच्चों की निगरानी, 2000 अधिकारी और कर्मचारियों ने बच्‍चे लिए गोद

छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में संचालित स्नेहित विशेष कुपोषण मुक्ति अभियान के लिए कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना व सीएमएचओ ने स्नेहित एप का विमोचन किया. इस तरह से कुपोषित मुक्ति के लिए मोबाइल ऐप लॉन्‍च करने वाला छत्तीसगढ़ का यह पहल जिला बन गया है.

कुपोषण मुक्त सक्ती जिला बनाने के लिए जिले में की गई अभिनव पहल ‘स्नेहित’ के सकारात्मक परिणाम आ रहे हैं. विगत 3 माह से संचालित इस कार्यक्रम के तहत शासकीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा चिन्हित किये गए कुपोषित बच्चों का जिम्मा लेकर उनको सुपोषित किया जा रहा है. वर्तमान तक लगभग 100 अधिकारियों द्वारा इस तरह से लगभग 200 बच्चों को गोद लिया गया, जिसमें से 65 बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने में सफलता मिली है. कुपोषण की इस व्यापक समस्या से लड़ने के लिए क्रमबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है.

प्रथम चरण के सकारात्मक परिणाम आने से प्रशासन ने इसका दायरा बढाते हुए जिले के लगभग 1000 अधिकारी, कर्मचारियों को ‘स्नेहित’ कार्यक्रम से जोड़ा है. इसके द्वारा लगभग 2000 कुपोषित बच्चों को सामान्य श्रेणी में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस कार्यक्रम के बेहतर प्रबंधन एवं निगरानी के लिए सक्ती कलेक्टर नुपुर राशी पन्ना व स्वास्थ्य अधिकारी सूरज राठौर ने ‘स्नेहित एप’ लॉन्‍च की. एंड्राइड बेस्ड इस एप के माध्यम से कुपोषित बच्चों के विकास की सटीक जानकारी प्रशासन को प्राप्त होगी. वहीं, जियो टैगिंग की मदद से किसी क्षेत्र विशेष में समस्या की गंभीरता का आंकलन भी किया जा सकेगा.सक्ती जिले के मुख्य स्वास्थ्य एवं चिकित्सा अधिकारी सूरज राठौर ने बताया कि स्वास्थ्य पोषण के क्षेत्र में लगातार पहल किया जा रहा है. इसमें जिले के अधिकारी कर्मचारी द्वारा ‘स्नेहित कार्यकम’ से जुड़कर डायरेक्ट ओबजर्वेशन कर कुपोषित बच्चों को गोद लिया जा रहा है. किन कारणों से कुपोषण के शिकार हुए है. इन कारणों को पता किया जा रहा है. उन कारणों से निजात पाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. इसी कार्यक्रम को जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा स्नेहित कार्यक्रम का नाम दिया गया है.

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button