Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के शहरों में सिटी गैस प्रोजेक्ट अगले साल पाइप से पहुंचाएंगे घरों तक, कोरबा और बिलासपुर, रायपुर में काम अडाणी को

बिलासपुर में इसी महीने 5 सीएनजी पंप शुरू हो जाएंगे

केन्द्र सरकार की सिटी गैस नेटवर्क योजना पर छत्तीसगढ़ में अमल जल्दी शुरू होगा। सिटी गैस नेटवर्क सबसे पहले बिलासपुर और कोरबा पहुंचेगा। बिलासपुर में इसी महीने 5 सीएनजी पंप शुरू हो जाएंगे। अभी इसमें सप्लाई होने वाली गैस शहडोल से विशेष टैंकरों से सप्लाी होगी। अगले दो साल के भीतर कोरबा व बिलासपुर में घर-घर गैस पहुंचाने के लिए पाइप लाइन बिछाई जाएगी।

वर्ष 2024-25 दोनों शहर के घरों तक पाइप लाइन से गैस पहुंचने लगेगी। शुरू में 90 हजार घरों में गैस कनेक्शन दिए जाएंगे। इसी तरह, राजधानी रायपुर में भी सिटी गैस नेटवर्क लाया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक मुंबई से झारसुगड़ा के बीच गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की पाइपलाइन से कनेक्ट करते हुए रायपुर में सप्लाई होगी।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह पूरा काम अडानी ग्रुप को दिया है। पेट्रोलियम प्राकृतिक गैस विभाग ने सिटी गैस नेटवर्क के लिए देश को अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्र (ज्योग्राफिकल एरिया) में बांटा है। इसके लिए 4 साल पहले से चरणवार बोली चल रही है। 10 वें चरण की बोली में ज्योग्राफिकल एरिया अनूपपुर-कोरबा-शहडोल के लिए अडाणी ग्रुप की गैस कंपनी को काम मिला है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड ने अडाणी गैस को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क बनाने के लिए वर्क आर्डर जारी कर दिया है। कोरोना की वजह से इस काम में व्यवधान था, लेकिन अब तेज हो रहा है। सूत्रों के अनुसार अनूपपुर-कोरबा-बिलासपुर भौगोलिक क्षेत्र के तहत मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के कुल 17 ब्लॉक हैं, जिसे चार्ज एरिया कहा जा रहा है।

इसमें चार ब्लॉक मध्यप्रदेश के पुष्पराज गढ़, अनूपपुर, कोतमा व जेतहरि है। छत्तीसगढ़ के मरवाही, पेंड्रा रोड गौरेला, पेंड्रा, कोटा, तखतपुर, बिलासपुर, बिल्हा, मस्तुरी, कोरबा, पोड़ी-उपरोड़ा, पाली, कटघोरा और करतला इसमें शामिल हैं। इससे 10 लाख 51 हजार 510 घरों में निवासरत 46 लाख 19 हजार 506 लोग लाभांवित होंगे। इस भौगोलिक क्षेत्र में 1289 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसके लिए जमीन का सर्वेक्षण व अधिग्रहण का काम जल्द शुरू होगा। अडाणी को 25 वर्ष के लिए सिटी गैस नेटवर्क का जिम्मा दिया गया है।
मुंबई से झारसुगड़ा बिछेगी पाइप लाइन
कंपनी के अधिकारी ने बताया कि नेचुरल गैस को महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ व ओडिशा के औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचाने के लिए मुंबई से झारसुगड़ा तक गैस पाइप लाइन का निर्माण गेल (गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) कर रहा है। महाराष्ट्र में गोंदिया तक यह लाइन बन चुकी है। अब झारसुगड़ा की ओर से भी निर्माण शुरू किया जा रहा है। झारसुगड़ा से रायगढ़, चांपा जांजगीर, बिलासपुर, रायपुर, दुर्ग होते हुए राजनांदगांव से गोंदिया तक यह पाइप लाइन जाएगी। कोरबा के लिए जांजगीर-चांपा से पाइप लाइन आएगली।

लोगों को ऐसे लाभ | कार विक्रेता कंपनी के प्रबंधक के. शाइन ने बताया कि सीएनजी से वाहन चलाना पेट्रोल 20 से 30 फीसदी सस्ता है। यदि एक कार का एवरेज पेट्रोल-डीजल में 20 किलोमीटर प्रति लीटर है तो वह सीएनजी में 26 किलोमीटर प्रति किलो गैस का एवरेज देगी। सीएनजी की कीमत अभी 87 रुपए प्रति किलोग्राम व पेट्रोल 102 रुपए प्रति लीटर है। सिटी गैस नेटवर्क से मिलने वाली पीएनजी का दाम सिलेंडर की तुलना में करीब 20 से 30 फीसदी कम होगा।
बिलासपुर में खुलेंगे सीएनजी पंप

बिलासपुर के सरकंडा, सीपत-कोरबा रोड के ग्राम पंधी, सकरी बाइपास रोड, उसलापुर तथा बिलासपुर-रायपुर रोड पर एक-एक सीएनजी पंप शुरू होंगे। इसके बाद कोरबा में पंप शुरू किए जाएंगे। दरअसल घरों के लिए गैस गेल की पाइप लाइन से सप्लाई होगी। सप्लाई होने वाली गैस नेचुरल (पीएनजी) होगी। इसे घर, हॉस्पिटल, होटल, उद्योग में दिया जाएगा। पीएनजी को कम्प्रेस्ड करने पर वह सीएनजी (कम्प्रेस्ड नेचुरल गैस) होती है, जो वाहनों के लिए रहती है।

दिल्ली, पटना, इंदौर समेत कई शहरों में
पाइपलाइन से गैस दिल्ली, पटना, इंदौर, भोपाल, शहडोल समेत कई शहरों में अभी अपार्टमेंट तक सीमित है। जितनी गैस की खपत होती है उतना ही बिल लोगों को देना होता है। इसके लिए मीटर लगे हैं। करीब आठ साल पहले एलपीजी गैस को घर-घर तक पहुंचाने की योजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच रही है।

केंद्र सरकार की इस योजना के तहत गैस पाइपलाइन को ओडिशा से छत्तीसगढ़ तक पहुंचाया जा रहा है। 2016 में इस योजना की शुरुआत हुई थी। राजनांदगांव से महासमुंद तक आठ बड़े शहरों में पाइप लाइन से एलपीजी गैस घर-घर तक पहुंचाई जाएगी। इस मामले में पिछले हफ्ते ही तीनों पेट्रोलियम कंपनियों के आला अफसर रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे से मिले थे। उन्होंने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के लिए जिले के कई जगहों पर खुदाई जारी है। रायपुर समेत शहरी इलाकों में 2024-25 से घरों में पाइप लाइन से गैस पहुंचाने की तैयारी है।

नागपुर से झारसुगड़ा तक बिछी लाइन
नागपुर से झारसुगड़ा तक गैस पाइप लाइन बिछने का काम अब अंतिम चरण में है। इसमें रायपुर, रायगढ़, कोरबा, राजनांदगांव, महासमुंद समेत प्रदेश के 13 जिले शामिल हैं। झारसुगड़ा लाइन पर ही रायपुर, राजनांदगांव, धमतरी, महासमुंद, सरगुजा, कवर्धा, जशपुर, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा, बेमेतेरा, दुर्ग शामिल हैं। इस काम के लिए 2019 में टेंडर हुआ था। टेंडर के तहत 1780 किमी पाइपलाइन बिछाई जाएगी।
इसकी लागत 1 हजार करोड़ से भी ज्यादा है। दुर्ग में पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा भी हो गया है।

कोरोना के कारण ढाई साल पिछड़े
योजना में सारे काम 8 वर्ष होना था। इसमें कोरोना के कारण लगभग ढाई वर्ष काम पिछड़ गया है। अडानी गैस ने अब शहडोल में एसईसीएल की खदान से रिलायंस इंडस्ट्रीज द्वारा निकाली जा रही मीथेन गैस का उपयोग करने का निर्णय लिया है। शहडोल से ही सीएनजी को विशेष वाहनों में अनूपपुर, काेरबा और बिलासपुर परिवहन कर सीएनजी पंप तक पहुंचाया जाएगा। बिलासपुर में इसी महीने 5 सीएनजी पंप शुरू कर दिए जाएंगे। उसके बाद कोरबा में सीएनजी पंप खुलेंगे। वर्तमान में सीएनजी की कीमत 87 रुपए प्रति किलोग्राम है।

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Manish Tiwari

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