रायपुर:100 फीट के नाले को पाटकर 30 फीट कर दिया,ऐसा कई जगह, कार्रवाई कुछ भी नहीं

ये जो खाली जमीन दिख रही है, ये नाले का हिस्सा है। इसे पाटकर जमीन बना दी गई है। इस पर कभी किसी अफसर या नेता ने ध्यान नहीं दिया।
बड़े नालों को भूमाफियाओं ने पाट-पाटकर नालियों में तब्दील कर दिया है। आउटर के ज्यादातर नाले बड़े रसूखदारों ने अपने कांप्लेक्स और कालोनियां बनाने के लिए पाट दिए। शहर के भीतर की छोटी-छोटी नालियों के ऊपर कहीं मकान तो कहीं दुकान तान दिए गए हैं। बारिश के दिनों में शहर में जलभराव की एक बड़ी वजह यही कब्जे हैं। अंबुजा मॉल के पास छोकरा नाला एक दशक पहले लगभग 100 फीट चौड़ा हुआ करता था।null
आउटर का यह वार्ड नगर निगम में शामिल होने के बाद से आसपास तेजी से बसाहटें और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ने लगीं। नाले के आसपास कई व्यावसायिक कांप्लेक्स निर्मित हुई। निर्माण धीरे-धीरे बढ़ते हुए छोकरा नाले तक पहुंच गया। धीरे-धीरे नाले को पाटने का काम शुरू हुआ। नाला पटते-पटते करीब 30 फीट का रह गया। कार्रवाई कुछ नहीं हो रही।
आउटर के वार्डों में भूमाफियाओं की नजर
आउटर के सभी वार्ड भूमाफियाओं की नजर में हैं। कुशभाऊ ठाकरे वार्ड के दलदल सिवनी, सड्ढू, पं. मोतीलाल नेहरू के कचना, आमासिवनी, वामन राव लाखे के प्रोफेसर कालोनी, भक्त माता कर्मा व डा. खूबचंद बघेल के चंगोराभाठा, चंद्रशेखर आजाद वार्ड के मठपुरैना, श्यामा प्रसाद मुखर्जी वार्ड के भाठागांव, भीमराव आंबेडकर वार्ड के मोवा, कांपा, नेताजी सुभाषचंद्र बोस वार्ड के खम्हारडीह, पं. विद्याचरण शुक्ल वार्ड के लाभांडी, जोरा, फुंडहर, कामरेड सुधीर मुखर्जी वार्ड के बोरियाखुर्द, डूंडा आदि इलाके कुछ साल पहले ही निगम में जुड़े हुए हैं।
कोटा श्मशानघाट के नाले को 7 फीट से 2 फीट बनाया
कोटा श्मशानघाट के पीछे करीब सात फीट चौड़े नाले को पाटकर दो फीट की संकरी नाली बना दी गई है। भूमाफियाओं ने यहां अवैध प्लाटिंग करने के लिए नाले की चौड़ाई ही कम कर दी। भाठागांव में सरकारी जमीन पर बाहर से कमाने आए लोगों से 50-50 हजार लेकर अस्थायी तौर पर बसाने की भी शिकायतें हैं। इसमें शहर के कुछ जनप्रतिनिधियों की संलिप्तता की भी शिकायत है। नगर निगम के जोन-2 दफ्तर के सामने एक बड़े प्राइवेट कांप्लेक्स के संचालक ने सरकारी नाली को अपने कैंपस के भीतर कर लिया है और उसे पूरी तरह ढंक लिया है।
एक पूर्व बड़े अफसर ने पटवाया नाला
शिकायत करने वालों ने बताया कि नाले को पाटने में शासन के एक पूर्व बड़े अफसर के साथ कुछ अन्य लोग शामिल हैं। बड़ा नाम सुनते ही अफसरों ने इस तरफ झांकना ही बंद कर दिया। रिंग रोड होते हुए भाठागांव से महादेवघाट में मिलने वाला चिंगरी नाला भी कई जगहों से पट गया है। भाठागांव के पास एक बड़े आवासीय कालोनी की वजह से नाला लगभग खत्म हो गया है। कई प्राइवेट लोगों ने भी नाले के किनारे-किनारे निर्माण कर उसे संकरा कर दिया है।
जानकारी लेंगे बड़ा अभियान चलाएंगे
“नालों पर कब्जे और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ नगर निगम जल्द ही बड़ा अभियान चलाएगा। नालों का सीमांकन किया जाएगा और जहां-जहां कब्जे होंगे, उन्हें हटाया जाएगा।” -एजाज ढेबर, महापौर रायपुर निगम
“छोकरा नाले को पाटे जाने की शिकायत जोन और निगम मुख्यालय में की गई है। निगम अफसर कार्रवाई से पीछे हट रहे हैं। 100 फीट का नाला सिमटकर 30 फीट का रह गया है।” – गोपेश साहू, पार्षद मोतीलाल नेहरू वार्ड
“80 फीट से ज्यादा चौड़े दलदल सिवनी नाले को पाटकर संकरा कर दिया गया है। शिकायत की गई है। एक प्राइवेट कालोनाइजर ने तो नाले को कालोनी के भीतर कर लिया।” – सुशीला धीवर, पार्षदnull



