बिलासपुर निगम में 10 अरब का बजट पेश:डूबते शहर को बचाने कोई योजना नहीं, पार्षदों ने पानी निकासी का नहीं उठाया मुद्दा

बिलासपुर नगर निगम में बुधवार को राजनीतिक नौटंकी के बीच मेयर रामशरण यादव ने वर्ष 2023-24 के लिए 10 अरब 24 करोड़ 72 लाख 14 हजार रुपए का बजट पेश किया। लेकिन, सामान्य सभा की बजट चर्चा में न तो सत्ता पक्ष और न ही विपक्षी पार्षदों ने बारिश में डूबते शहर को बचाने की योजना पर कोई चर्चा की। यही वजह है कि सामान्य सभा की इस बैठक में बारिश के दिनों में पानी निकासी जैसी गंभीर समस्या पर चर्चा तक नहीं की गई। बजट में शहर में कई नए काम के लिए योजना बनाई गई है। लेकिन, पिछले बजट की योजनाओं को धरातल पर लाने के लिए भी विपक्षी पार्षदों ने सवाल नहीं उठाए।
सामान्य सभा और बजट बैठक में बुधवार को पूरे दिन हंगामे की स्थिति बनी रही। प्रश्नकाल के दौरान पक्ष और विपक्ष दोनों पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याएं बताई। विशेष कर चार साल पहले नगर निगम सीमा में शामिल हुए ग्राम पंचायतों के पार्षद एक भी काम नहीं होने और योजनाएं शुरू नहीं करने को लेकर आवाज उठाते रहे और वार्डवासियों के बिजली, नाली, सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया नहीं होने की बात कही। बैठक में सभापति शेख नजीरुद्दीन बार-बार उन्हें समझाइश देते रहे। फिर भी बात नहीं बनी।
महापौर रामशरण यादव भी सामान्य सभा में उखड़ गए और यहां तक कह दिया कि हर सवाल का जवाब कमिश्नर को देना है, तो मैं उठकर चला जाता हूं, मेयर का यहां कोई काम नहीं है। भाजपा पार्षदों के हंगामे और प्रश्न का जवाब नहीं मिलने के कारण सदन को बीच में 15 मिनट के लिए स्थगित करना पड़ा। दरअसल, करीब सात माह बाद हुई सामान्य सभा की बैठक हंगामेदार रहा और आधा समय प्रश्नकाल में ही गुजर गया। फिर भी पूरे सवाल नहीं आ पाए। दिन भर चली सामान्य सभा के बाद महापौर रामशरण यादव ने महज 15 मिनट में बजट अभिभाषण पेश किया और बिना चर्चा के बिना चर्चा के बजट पास हो गया। निगम की बजट में पुरानी योजनाओं को पूरा करने केंद्र और राज्य शासन की बजट पर निर्भरता जताई गई है। इसके साथ ही निगम की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
सात अरब 51 करोड़ 55 लाख आय का अनुमान
महापौर रामशरण यादव ने बुधवार को वर्ष 2023-24 के लिए 10 अरब 24 करोड़ 72 लाख 14 हजार रुपये का बजट पेश किया। इसे सदन ने पारित किया। इसमें सात अरब 51 करोड़ 55 लाख 80 हजार रुपये की अनुमानित आय दर्शाई गई है। 56 करोड़ 32 हजार रुपए फायदे वाले इस बजट में शहर विकास के लिए कई नई योजनाएं बनाई गई है। उन्होंने बताया कि राज्य प्रवर्तित योजना के तहत ज्ञान स्थली योजना के लिए 100 लाख, पुष्पवाटिका योजना के लिए 50 लाख, सरोवर-धरोहर योजना के अंतर्गत तालाब सौंदर्यीकरण के लिए 200 लाख रुपए का प्रावधान किया गया है। इसी तरह अधोसंरचना मद में वार्डों के विकास कार्य, सीसी रोड, नाली, डामरीकरण, चौक-चौराहों का सुंदरीकरण, वार्डों में समुचित प्रकाश व्यवस्था, पेयजल के लिए 13005.06 लाख रुपये का प्रविधान किया गया है। महापौर ने आय के स्रोत के बारे में बताया कि दो अरब 31 करोड़ 74 लाख 88 हजार रुपए राजस्व और पांच अरब 19 करोड़ 80 लाख 92 हजार रुपए पूंजीगत के साथ ही दो अरब 73 करोड़ 16 लाख 34 हजार रुपए प्रारंभिक शेष से प्राप्त होने का अनुमान है।
नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी ने संपत्ति कर पटाने की समय अवधि में छूट देने का प्रस्ताव लाया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2022-23 की संपत्ति कर पटाने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। इसके बाद पेनाल्टी का प्रवधान है। नागरिकों को संपत्ति कर पटाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए। मेयर रामशरण यादव ने नेता प्रतिपक्ष द्बारा लाए गए प्रस्ताव को सदन में रखा, जिसे सदस्यों ने पारित कर दिया।
अनुकंपा और संविदा नियुक्ति का मुद्दा उठा
एमआइसी सदस्य सीताराम जायसवाल ने प्रश्न किया कि नगर निगम में अनुकंपा नियुक्ति की जगह प्लेसमेंट में नौकरी दी गई है, जिन्हें 10 हजार रुपए वेतन दिया जा रहा है। अनुकंपा नियुक्ति मिलने पर उन्हें 30 हजार रुपए से अधिक वेतन मिलता। उन्हें अनुकंपा नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है। मेयर रामशरण यादव ने बताया कि चतुर्थ श्रेणी का पद रिक्त नहीं होने के कारण प्लेसमेंट में रखा गया है। उन्होंने अन्य नगरीय निकाय में रिक्त पद अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए शासन को पत्र लिखने का प्रस्ताव लाया, जिसे सदस्यों ने ध्वनिमत से पारित किया। इसी तरह उपनेता प्रतिपक्ष राजेश सिंह ने संविदा नियुक्ति के मामले को भी उठाया।
मुख्य चौक-चौराहों पर महिला प्रसाधन की होगी व्यवस्था
पार्षद संगीता तिवारी ने सदन में सवाल करते हुए कहा कि शहर के मुख्य चौक-चौराहों में महिला प्रसाधन नहीं है, जिसके चलते महिलाओं को काफी तकलीफों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने राजेंद्र नगर, अग्रसेन चौक, बस स्टैंड समेत शहर के सभी मुख्य चौक-चौराहों में महिला प्रसाधन की व्यवस्था करने की मांग की। जिस पर मेयर यादव ने सदन को बताया कि प्रमुख चौक-चौराहों में फोल्डिंग वाले महिला प्रसाधन की व्यवस्था की जा रही है। जल्द ही यह सुविधा शहर में मिलने लगेगी।



