Chhattisgarh

13 अप्रैल को कामबंद करेंगे अनियमित कर्मचारी:पदाधिकारियों पर कार्रवाई से गुस्सा, प्रदर्शन में एक लाख से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा

छत्तीसगढ़ में नियमितीकरण को लेकर कई अलग-अलग विभागों के अनियमित कर्मचारी लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके चलते रसोइया संघ ने भी प्रदर्शन किया था। लेकिन पुलिस उसके पहले ही रसोइया संघ की प्रदेश अध्यक्ष को अपने साथ थाने लेकर आ गई। वहीं कई और पदाधिकारियों पर भी पुलिस ने कार्रवाई की है। जिसको लेकर 13 अप्रैल को छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ ने एक दिवसीय काम बंद करने का फैसला किया है।

इस पूरे मामले को लेकर महासंघ के अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने बताया कि 9 अप्रैल को रसोइया संघ का प्रदर्शन तूता नवा रायपुर के धरना स्थल में आयोजित था। मगर इस प्रदर्शन के पहले ही पुलिस ने रसोइया संघ की प्रदेश अध्यक्ष नीलू ओगरे को पूछताछ के नाम पर थाने ले जाया गया। जिसके बाद उन्हें पुलिस ने देर रात वापस छोड़ा।

इसके बाद आज उन्हें फिर जोगी बंगला के पास से पुलिस ने पकड़ लिया। जो कि गलत है। आगे उन्होंने कहा कि प्रशासन गिरफ्तारी की वजह भी नहीं बता रही है। साथ ही कुछ अन्य संघ के पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई की गई है। जिनमें कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष सौरव मिश्रा और चुम्मन लाल साहू भी शामिल हैं। गढ़पाले ने कहा कि पुलिस को ये स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर क्यों इन पदाधिकारियों को परेशान किया जा रहा है। इनकी क्या गलती है बताना चाहिए।

अनियमित कर्मचारी संयुक्त महासंघ ने इन पदाधिकारियों पर हो रही कार्रवाई को लेकर नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि बिना अपराध के इस तरह पदाधिकारियों पर कार्रवाई होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। फिलहाल इस मुद्दे पर संघ ने 13 अप्रैल को एक दिवसीय कामबंद-कलमबंद का निर्णय लिया है। संघ का दावा है कि प्रदेश के करीब 1 लाख 80 हजार कर्मचारी इसमें शामिल होंगे। इसके साथ ही संघ ने सरकार से मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों पर 1 महीने के भीतर कार्रवाई की जाए। वरना अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा।

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Manish Tiwari

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