Chhattisgarh

छत्तीसगढ़: रायपुर में स्ट्रीट डॉग्स एम्बुलेंस की शुरुआत, अब GPS ट्रैकर से मिलेगा लोकेशन, जानें इसकी खासियत

पीपल फॉर एनिमल्स सोसायटी रायपुर की ओर से पिछले 8 सालों से रायपुर शहर के स्ट्रीट डॉग्स के लिए रेस्क्यू और इलाज की सुविधा पहुंचाई जा रही है। संस्था के हेल्पलाइन पर रोजाना अधिक से अधिक लोगों को गंभीर डॉग्स की सूचना देत रहते हैं। इलाज और रेस्क्यू के लिए एम्बुलेंस की जरूरत को देखते हुए संस्था ने डॉग एम्बुलेंस की शुरुआत की है।

रायपुर कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने डॉग एम्बुलेंस का शुभारंभ किया। संस्था प्रतिदिन रेस्क्यू के लिए 100 किलोमीटर से भी ज्यादा की दूरी तय करती हैं। रायपुर के अलग-अलग जगहों से बीमार कुत्तो और एक्सिडेंट के इलाज के लिए रेस्क्यू करते हैं । चंदखूरी स्थित शेल्टर होम में इलाज और देखभाल के लिए भर्ती किया जाता है।

डॉग एम्बुलेंस की खासियत
पीपल फॉर एनिमल्स सोसायटी रायपुर के सचिव कस्तूरी ने बताया कि पिछले 2 एम्बुलेंस से यह एम्बुलेंस अलग है। इस एम्बुलेंस का खासियत यह है की ड्राइवर सीट के बाद जाली का अलग-अलग भाग है। इससे एक बार रेस्क्यू में जाने से 4-5 बीमार डॉग्स को एक साथ एम्बुलेंस लाया जा सकता है। एम्बुलेंस में डॉग्स के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर, फर्स्ट एंड किट, डॉग कैचिंग के उपकरण और GPS ट्रैकर भी लगा हुआ है।

लार से अन्य जीवों में फेल सकता है रैबीज
रायपुर में डॉग्स नसबंदी अभियान और रेबीज टीकाकरण की कमियों की वजह से अधिक से अधिक रेबीज से ग्रसित श्वान हर महीने रेस्क्यू होते हैं। रेस्क्यू में बहुत सावधानी बरतनी पड़ती है। इनके लार से रेबीज इंसानों और अन्य जीवों में फैल सकता है। संस्था ने रेबीज से ग्रसित श्वान को लगातार रेस्क्यू कर रहे हैं। मृत होने के बाद ब्रेन सैंपल को रेबीज जांच के लिए बैंगलोर लैब भेजा जाता है। यह एम्बुलेंस रायपुर शहर में डॉग रेस्क्यू, ऑपरेशन और रेबीज संक्रमण को रोकने में सक्रिय रहेगी।

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Manish Tiwari

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