बकरीद से पहले बंगाल में कुर्बानी विवाद गरमाया : एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर के बयान से सियासत में तीखी बहस तेज

कोलकाता, 21 मई 2026// पश्चिम बंगाल में ईद-उल-अजहा (बकरीद) से पहले पशु कुर्बानी को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख और विधायक हुमायूं कबीर के बयान के बाद राज्य में सियासी तापमान बढ़ गया है।
हुमायूं कबीर ने एक सार्वजनिक बयान में कहा कि धार्मिक परंपराओं के तहत कुर्बानी को कोई भी रोक नहीं सकता। उन्होंने कहा कि यह परंपरा सदियों पुरानी है और आगे भी जारी रहेगी। उनके अनुसार, गाय, बकरी, ऊंट और अन्य वैध पशुओं की कुर्बानी धार्मिक रीति का हिस्सा है और इसमें किसी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पशु वध नियंत्रण कानून के तहत बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के गाय और भैंस के वध पर रोक से जुड़ा नोटिस जारी किया गया। प्रशासन ने कहा है कि निर्धारित नियमों और प्रमाणपत्रों के बिना पशु वध पर कार्रवाई की जाएगी।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इसे लेकर अलग-अलग मत व्यक्त किए हैं, जिससे बकरीद से पहले राज्य की राजनीति और अधिक गर्म हो गई है।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि कानून का उद्देश्य पशु वध को नियंत्रित करना और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करना है, न कि किसी धार्मिक परंपरा में बाधा डालना।
राज्य में यह मुद्दा अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का केंद्र बन गया है, और आगामी दिनों में इसके और तूल पकड़ने की संभावना है।



