सऊदी ने रोका अमेरिकी प्लान: ईरान पर ट्रंप का यू-टर्न, खाड़ी संकट के बीच बंद करना पड़ा सैन्य ऑपरेशन

वॉशिंगटन/तेहरान। ईरान के साथ दो महीने से ज्यादा चले तनाव और सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बदलते रुख ने दुनिया का ध्यान खींचा है। अब अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सऊदी अरब के दबाव के चलते अमेरिका को अपना बड़ा सैन्य अभियान “प्रोजेक्ट फ्रीडम” रोकना पड़ा।
रिपोर्ट के मुताबिक, शुरुआत में ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि अमेरिकी हमलों से ईरान में सत्ता परिवर्तन हो सकता है। यहां तक कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामनेई को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच ट्रंप ने तख्तापलट की संभावना जताई थी। हालांकि हालात उनके अनुमान के मुताबिक नहीं बदले।
इसके बाद 7 मार्च को ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ किसी भी तरह की सीजफायर बातचीत नहीं होगी, लेकिन बाद में अमेरिका को अपने रुख में नरमी लानी पड़ी। अप्रैल की शुरुआत में अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए “प्रोजेक्ट फ्रीडम” शुरू किया। अमेरिकी सेना की निगरानी में चल रहे इस अभियान को महज 48 घंटे बाद रोक दिया गया।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सऊदी अरब ने अमेरिका को अपने एयरबेस और एयरस्पेस के इस्तेमाल की अनुमति देने से इनकार कर दिया था। सऊदी नेतृत्व का मानना था कि यदि युद्ध और बढ़ता है तो खाड़ी देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसी वजह से सऊदी ने अमेरिका पर तनाव कम करने और समझौते की दिशा में बढ़ने का दबाव बनाया।
बताया जा रहा है कि ईरान की ओर से यूएई पर हमले और सऊदी अरब को निशाना बनाने की तैयारी के बीच खाड़ी देशों की चिंता बढ़ गई थी। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अचानक अभियान रोकने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की बात कही।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया की राजनीति में सऊदी अरब की बढ़ती रणनीतिक ताकत को भी उजागर किया है, जिसने अमेरिका के फैसले को प्रभावित किया।



