बाइक चलाकर दुर्गम पहाड़ों तक पहुंचे कलेक्टर-एसपी : इमली के पेड़ तले चौपाल लगाकर सुनी ग्रामीणों की समस्याएं

सुकमा, 07 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार के सुशासन तिहार 2026 अभियान के तहत सुकमा जिला प्रशासन ने संवेदनशील प्रशासन की अनोखी मिसाल पेश की। कलेक्टर अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण बुधवार को 30 किलोमीटर लंबे उबड़-खाबड़ और दुर्गम रास्तों को मोटरसाइकिल से पार कर पहुंचविहीन ग्राम गोंडेरास और नीलावाया पहुंचे। अधिकारियों के इस दौरे ने ग्रामीणों में भरोसा और उत्साह का नया माहौल बना दिया।
प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीणों तक 31 व्यक्तिगत योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ सीधे पहुंचाया जा रहा है। अधिकारियों ने बिना किसी औपचारिक मंच के ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और मौके पर समाधान भी किया।
इमली के पेड़ के नीचे लगी चौपाल
ग्राम गोंडेरास में कलेक्टर और एसपी ने इमली के पेड़ की छांव में खाट पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। ग्रामीणों ने सोलर प्लेट खराब होने की समस्या बताई, जिस पर कलेक्टर ने तुरंत क्रेडा विभाग को सभी घरों में मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
गांव में आंगनबाड़ी भवन और पंचायत भवन निर्माण के लिए करीब 70 लाख रुपए की स्वीकृति भी दी गई। प्रशासन ने निर्माण कार्य की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत को सौंपते हुए पारदर्शिता और तेजी से काम कराने की बात कही।
शिविर के दौरान 17 किसान क्रेडिट कार्ड, 12 जाति प्रमाण पत्र, 11 पीएम-किसान प्रकरणों का निराकरण, 2 किसान किताब और 2 पटवारी प्रतिवेदन मौके पर ही वितरित किए गए।
नीलावाया में पुलिया निर्माण की मंजूरी
ग्राम नीलावाया में अधिकारियों ने जमीन पर बैठकर चौपाल लगाई और ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। बारिश के दौरान ग्रामीणों को 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। इसे देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही नाले पर पुलिया निर्माण की स्वीकृति दे दी।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। चार मोतियाबिंद मरीजों को जिला अस्पताल भेजा गया, वहीं गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के निर्देश सचिव को दिए गए। शिविर में दो गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की रस्म पूरी की गई और 22 बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र तत्काल बनाकर सौंपे गए।
“कागजी नहीं, धरातली सुशासन हमारा लक्ष्य”
कलेक्टर अमित कुमार ने कहा कि शासन का उद्देश्य नियद नेल्ला नार (आपका अच्छा गांव) योजना के जरिए हर घर तक बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूर्ण पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि स्थानीय पंचायतों को निर्माण एजेंसी बनाने से विकास कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।
गांव के सरपंच जोगा वंजामी ने अधिकारियों के इस दौरे को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि पहली बार कोई कलेक्टर मोटरसाइकिल से उनके गांव तक पहुंचा है। इससे ग्रामीणों को भरोसा हुआ है कि अब उनकी समस्याएं अनसुनी नहीं रहेंगी।



