बंगाल चुनाव प्रचार से मिला बड़ा अनुभव: अमर सुल्तानिया बोले- बूथ मैनेजमेंट और माइक्रो प्लानिंग ने दिलाई ऐतिहासिक जीत

जांजगीर-चांपा, 07 मई 2026//पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीटों पर जीत दर्ज कर पहली बार प्रचंड बहुमत हासिल किया है। इस जीत के पीछे बूथ स्तर की मजबूत रणनीति और संगठन की सशक्त कार्यशैली को अहम माना जा रहा है।
इस चुनावी अभियान में जांजगीर-चांपा जिले के भाजपा नेता एवं प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया की सक्रिय भूमिका भी सामने आई है। शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर उन्होंने क्रेड़ा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी के मार्गदर्शन में वर्धमान की दक्षिण सीट पर भाजपा प्रत्याशी मौमिता बिस्वास मिश्रा के पक्ष में चुनाव प्रचार की कमान संभाली। लगातार जनसंपर्क, बूथ मैनेजमेंट और स्थानीय कार्यकर्ताओं के समन्वय का परिणाम रहा कि भाजपा प्रत्याशी ने करीब 30 हजार मतों से ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
अमर सुल्तानिया ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि बंगाल चुनाव प्रचार में मिली जिम्मेदारी ने उन्हें रणनीतिक राजनीति को करीब से समझने और मैदान में सीखने का बड़ा अवसर दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा की जीत की असली ताकत बूथ स्तर पर तैयार की गई सूक्ष्म रणनीति रही। प्रत्येक बूथ पर कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी तय की गई थी। मतदाता सूची का विश्लेषण, घर-घर संपर्क अभियान और मतदान दिवस की माइक्रो प्लानिंग ने चुनाव परिणामों में निर्णायक भूमिका निभाई।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय नेतृत्व की आक्रामक रणनीति एवं जनसंवाद ने बंगाल में भाजपा के पक्ष में माहौल तैयार किया। वहीं छत्तीसगढ़ भाजपा के संगठन महामंत्री पवन साय के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान की।
चुनाव प्रचार के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और सांसद मनोज तिवारी की सभाओं ने माहौल को और प्रभावी बनाया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और वित्त मंत्री ओपी चौधरी की मौजूदगी से भी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा।
भाजपा संगठन के अनुसार पवन साय को बंगाल की 56 सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें से 51 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की। चुनाव के दौरान पूर्व मंत्री राजेश मूणत और पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा के नेतृत्व में गठित टीमों ने समन्वित तरीके से कार्य किया।
वर्धमान जिले की 14 सीटों पर छत्तीसगढ़ से पहुंचे नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भी व्यापक प्रचार अभियान चलाया। इनमें रजनीश सिंह, राजा पाण्डेय, विधायक ललित चंद्राकर, अवधेश चंदेल, विक्रांत सिंह, निरंजन सिन्हा, बाबूलाल अग्रवाल, कृष्णकांत चंद्रा, श्याम कृष्णा जायसवाल, जितेंद्र खांडे, महेंद्र चोपड़ा, संकल्प अग्रवाल, मोनू चौधरी और प्रदीप केंवट सहित कई कार्यकर्ता शामिल रहे। भाजपा नेताओं का दावा है कि संगठित रणनीति और कार्यकर्ताओं की मेहनत ने बंगाल में बदलाव का जनमत तैयार किया।



