बिलासपुर दौरे पर वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सलीम राज का बड़ा बयान: निकाह की फीस तय, लव जिहाद और तीन शादी को बताया भ्रांति

बिलासपुर, शनिवार — छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज का शनिवार का बिलासपुर दौरा चर्चा का केंद्र बन गया। प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से विचार रखे।
सबसे अहम घोषणा उन्होंने निकाह को लेकर की। डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी मौलाना निकाह के लिए 1100 रुपये से अधिक की फीस नहीं वसूल सकेगा। उन्होंने कहा, “निकाह एक धार्मिक कार्य है, इसे व्यावसायिक रूप नहीं दिया जा सकता।” बोर्ड ने 5 रुपये से लेकर 1100 रुपये तक फीस की सीमा तय की है। तय सीमा से अधिक राशि वसूलने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह कदम खासतौर पर गरीब और मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवारों के हित में बताया। साथ ही, लव जिहाद और तीन शादी जैसे मुद्दों को उन्होंने पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि “इनका इस्लाम या हदीस से कोई लेना-देना नहीं है। ये पान ठेलों की चर्चाओं से निकली बातें हैं, जिन्हें कुछ लोग गलत मंशा से बढ़ावा दे रहे हैं।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी डॉ. सलीम राज ने बड़ी पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में 100 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल पीपीपी मॉडल पर खोला जाएगा। इसका संचालन स्थानीय लोगों के हाथों में होगा, जिससे रोजगार और क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा।
वक्फ संपत्तियों को लेकर भी उन्होंने सख्त रुख दिखाया। मुतवल्लियों को निर्देशित किया गया है कि संचालन में पारदर्शिता रखें और कानून का पालन करें। उन्होंने बताया कि बिलासपुर की दो मस्जिदों पर पहले ही कार्रवाई की जा चुकी है और अब दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
राजनीतिक सवालों पर बोलते हुए डॉ. सलीम राज ने कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि मुस्लिम समाज अब तुष्टीकरण की राजनीति को समझ चुका है। उन्होंने दावा किया कि अब मुस्लिम समाज का रुझान भारतीय जनता पार्टी की ओर बढ़ रहा है, जो देश और समाज के विकास की बात करती है।
डॉ. सलीम राज के इन बयानों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है और आने वाले समय में यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।



