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बिलासपुर स्कूल हादसा : हाईकोर्ट का कड़ा रुख, कलेक्टर से व्यक्तिगत जवाब-तलब, 26 अगस्त को होगी अगली सुनवाई

बिलासपुर। तालापारा स्थित स्कूल परिसर में 3 साल की मासूम की मौत के मामले पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी.डी. गुरु की डिवीजन बेंच ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए शासन-प्रशासन से तीखे सवाल किए।

सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “आंगनबाड़ी परिसर में डीजे का सामान क्यों रखा गया था, क्या वहां नाच-गाना होता है?” इस पर शासन की ओर से बताया गया कि आंगनबाड़ी कर्मचारी का एक रिश्तेदार डीजे संचालक है और उसी का सामान परिसर में रखा गया था। अदालत ने इस जवाब पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा कि मासूम की मौत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है, जिम्मेदार किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।

हाईकोर्ट ने बिलासपुर कलेक्टर से व्यक्तिगत जवाब-तलब करते हुए विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। साथ ही यह भी पूछा है कि पीड़ित परिवार को अब तक क्या मुआवजा और सहायता दी गई है। मामले की अगली सुनवाई 26 अगस्त को तय की गई है।

गौरतलब है कि 14 अगस्त की सुबह तालापारा घोड़ादाना स्कूल परिसर में बने आंगनबाड़ी के पास खेल रही 3 साल की मुस्कान महिलांगे के ऊपर लोहे का पाइप गिर गया था। यह पाइप डीजे संचालक रोहित देवांगन ने लापरवाही से दीवार पर टिकाकर रखा था। सिर पर गंभीर चोट लगने के बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच में हादसे की वजह स्पष्ट रूप से लापरवाही बताई गई। इसके बाद आरोपी डीजे संचालक रोहित देवांगन और उसके सहयोगियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। रोहित स्कूल चौकीदार का पोता है और परिसर के भीतर ही डीजे का सामान रखता था।

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Manish Tiwari

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