छत्तीसगढ़

डिजिटल खेती की नई उड़ान: एग्रीस्टेक से छत्तीसगढ़ को 104 करोड़, 58 हजार युवाओं को रोजगार, क्रॉप सर्वे से बढ़ी पारदर्शिता

रायपुर, 14 अप्रैल 2026/छत्तीसगढ़ में कृषि क्षेत्र को आधुनिक, पारदर्शी और तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टेक परियोजना नई क्रांति का आधार बन रही है। इस परियोजना के अंतर्गत संचालित डिजिटल क्रॉप सर्वे (Digital Crop Survey) ने राज्य की खेती-किसानी को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ते हुए कृषि प्रबंधन को अधिक सटीक और प्रभावी बना दिया है।

मोबाइल ऐप आधारित इस प्रणाली के माध्यम से खरीफ और रबी फसलों की जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है, जिससे वास्तविक समय में फसल डेटा उपलब्ध हो रहा है और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ी है।

85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन पूर्ण

खरीफ वर्ष 2025 के लिए 15 अगस्त 2025 से शुरू किए गए डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत राज्य के 33 जिलों के 18,008 गांवों में कुल 1 करोड़ 19 लाख 68 हजार 415 खसरा (Khasra) का सर्वेक्षण किया गया। इनमें से 1 करोड़ 18 लाख 07 हजार 537 खसरों को अनुमोदित किया गया है। इस प्रकार अब तक लगभग 85 प्रतिशत खसरों का डिजिटल सत्यापन सफलतापूर्वक पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, रबी फसल वर्ष 2026 का सर्वे 1 जनवरी 2026 से जारी है।

79 प्रतिशत किसानों की तैयार हुई फार्मर आईडी

एग्रीस्टेक परियोजना के तहत राज्य के कुल 40 लाख 08 हजार 908 किसान (Farmers) में से 31 लाख 68 हजार 555 किसानों का सत्यापन कर उनकी फार्मर आईडी (Farmer ID) तैयार की जा चुकी है। यह कुल किसानों का 79.22 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के आधार पर केंद्र सरकार ने विशेष केंद्रीय सहायता योजना के अंतर्गत राज्य को 104 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की है।

तकनीक से मजबूत हो रहा कृषि तंत्र

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर खेती को अधिक सक्षम और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टेक परियोजना के माध्यम से किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ तेजी से मिलेगा तथा कृषि आंकड़ों का वैज्ञानिक प्रबंधन संभव हो सकेगा।

ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल तकनीकी सुधार नहीं बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रहा है। खरीफ सीजन 2025-26 में 33 जिलों के 14,066 गांवों में सर्वे कार्य पूर्ण किया गया, जिसमें 58 हजार 335 ग्रामीण युवाओं को सर्वेयर (Surveyor) के रूप में रोजगार मिला है। इन युवाओं को लगभग 12 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

साल में दो बार मिलेगा रोजगार, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती

अब डिजिटल फसल सर्वे का कार्य वर्ष में दो बार—खरीफ और रबी सीजन में—किए जाने से ग्रामीण युवाओं को नियमित रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और तकनीक आधारित कृषि प्रणाली को और अधिक मजबूती मिलेगी।

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Manish Tiwari

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