महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: भावना बोहरा ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा—महिलाओं के अधिकारों के साथ हुआ अन्याय

रायपुर, 18 अप्रैल 2026/ लोकसभा में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों और सम्मान के साथ अन्याय किया है।
भावना बोहरा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया यह ऐतिहासिक संवैधानिक संशोधन विधेयक एक महत्वपूर्ण कदम था, लेकिन विपक्षी दलों—कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी—ने इसे पारित होने से रोककर महिला सशक्तिकरण के अवसर को नुकसान पहुंचाया।
उन्होंने कहा कि यह विधेयक केवल एक कानून नहीं, बल्कि देश की करोड़ों महिलाओं के संघर्ष, उनके सपनों और समान भागीदारी के अधिकार का प्रतीक है। “विपक्ष ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते इस ऐतिहासिक अवसर को कुचल दिया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है,” बोहरा ने कहा।
विधायक ने आगे कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के साथ केंद्र सरकार लगातार महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है। उज्ज्वला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, तीन तलाक कानून जैसे फैसलों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।
भावना बोहरा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि उनके लिए महिलाएं केवल “वोट बैंक” हैं, जबकि वास्तविक सशक्तिकरण के प्रयासों का वे विरोध करते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाना जानती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि संसद में हुआ यह विरोध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि महिलाओं के आत्मसम्मान और उनके नेतृत्व पर अविश्वास को दर्शाता है। “नारी शक्ति का अपमान अब हर गांव, हर शहर और हर घर में गूंजेगा, और महिलाएं इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देंगी,” उन्होंने कहा।
इसके साथ ही उन्होंने विपक्ष की राजनीति को “नकारात्मक” बताते हुए कहा कि बड़े राष्ट्रीय मुद्दों—जैसे धारा 370 हटाना, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण, तीन तलाक कानून—पर भी विपक्ष ने केवल विरोध की राजनीति की है।
अंत में भावना बोहरा ने कहा कि आने वाले समय में देश की महिलाएं यह तय करेंगी कि उनके अधिकारों के साथ कौन खड़ा है और कौन उन्हें रोकने का प्रयास कर रहा है।



