पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक : राज्यों को अलर्ट, पेट्रोल-डीजल-एलपीजी आपूर्ति सुरक्षित रखने के निर्देश

नई दिल्ली, 28 मार्च 2026/ नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में उभरते संकट के बीच देश की तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्यों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों के साथ अहम बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में केंद्र और राज्यों के समन्वय, आपूर्ति शृंखला, ऊर्जा सुरक्षा और नागरिक हितों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि “टीम इंडिया” के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस चुनौती से सफलतापूर्वक निपट लेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का फोकस आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखने, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने और उद्योगों व आपूर्ति शृंखलाओं को मजबूत करने पर है।
बैठक में प्रधानमंत्री ने राज्यों को निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध बनी रहे और जमाखोरी व मुनाफाखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उर्वरकों के भंडारण और वितरण पर विशेष निगरानी रखने तथा कृषि क्षेत्र में पहले से तैयारी करने को कहा, ताकि खरीफ सीजन प्रभावित न हो।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हालात तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए केंद्र और राज्यों के बीच मजबूत समन्वय तंत्र जरूरी है। जिला स्तर तक कंट्रोल रूम सक्रिय रखने, नियमित मॉनिटरिंग और त्वरित निर्णय लेने पर भी जोर दिया गया। तटीय और सीमावर्ती राज्यों को नौवहन और आवश्यक आपूर्ति से जुड़ी चुनौतियों के लिए सतर्क रहने को कहा गया।
उन्होंने अफवाहों और गलत सूचनाओं से बचने की अपील करते हुए कहा कि सही और विश्वसनीय जानकारी का समय पर प्रसार जरूरी है। विदेशों, खासकर पश्चिम एशिया में मौजूद भारतीयों की सहायता के लिए हेल्पलाइन और नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने और एलपीजी की उपलब्धता बढ़ाने जैसे कदम उठाए हैं। कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने भी राज्यों को मौजूदा स्थिति और आवश्यक कदमों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्रियों ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना करते हुए भरोसा जताया कि उनके राज्यों में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने संकट से निपटने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।



