
रायपुर, 27 फरवरी 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव ला रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सरगुजा जिले की भुइरी बाई को पक्का आवास मिलने से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। जो परिवार कभी कच्चे झोपड़े में मुश्किल हालात में रहता था, आज वह सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहा है।
बारिश में टपकती थी छत, अब मिली पक्की छांव
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कुंवरपुर निवासी भुइरी बाई बताती हैं कि पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारें कमजोर थीं और हर मौसम में परेशानी बनी रहती थी। सीमित संसाधनों के कारण पक्का मकान बनवाना उनके लिए सपना ही था।
पति के निधन के बाद भी बना सहारा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनके पति कांशीराम के नाम से मकान स्वीकृत हुआ। दोनों ने मिलकर पक्का घर बनाने की शुरुआत की, लेकिन निर्माण के दौरान ही उनके पति का निधन हो गया। विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शासन की सहायता से घर पूरा हुआ और आज वही पक्का मकान भुइरी बाई के लिए सुरक्षा और आत्मसम्मान का आधार बना हुआ है।
अन्य योजनाओं का भी मिल रहा लाभ
भुइरी बाई को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नियमित रूप से चावल, दाल और शक्कर मिल रही है, जिससे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से गैस कनेक्शन मिलने से अब वे धुएं से मुक्त वातावरण में भोजन बना रही हैं। इससे उनके स्वास्थ्य और दैनिक जीवन में सकारात्मक सुधार आया है।
सुशासन का उदाहरण
भुइरी बाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की योजनाओं ने उन्हें पक्का मकान और सम्मानपूर्ण जीवन दिया है।
सरगुजा जिला प्रशासन द्वारा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ पहुंचाया जा रहा है, ताकि हर जरूरतमंद परिवार को सुरक्षित आवास, खाद्य सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं मिल सकें। भुइरी बाई की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि योजनाओं का सही क्रियान्वयन किस तरह किसी परिवार की तस्वीर बदल सकता है।



