छत्तीसगढ़
Trending

राजकीय सम्मान के साथ होगा साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का अंतिम संस्कार, सरकार ने जारी किया आदेश

रायपुर, 23 दिसंबर 2025/ ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित छत्तीसगढ़ के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है। उन्होंने रायपुर एम्स में अंतिम सांस ली। वे 89 वर्ष के थे। राज्य सरकार ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि विनोद कुमार शुक्ल के निधन से प्रदेश ने एक अमूल्य साहित्यिक धरोहर खो दी है। उन्होंने अपने सृजन के माध्यम से छत्तीसगढ़ का नाम देश और दुनिया में रोशन किया। सरकार उनके अतुलनीय योगदान के सम्मान में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई देगी।

विनोद कुमार शुक्ल का जन्म 1 जनवरी 1937 को छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में हुआ था। उन्होंने प्राध्यापन को अपना कार्यक्षेत्र चुना, लेकिन जीवन भर साहित्य सृजन को ही प्राथमिकता दी। सादगीपूर्ण भाषा, गहरी संवेदनशीलता और प्रयोगधर्मी लेखन शैली उनकी पहचान रही।

वर्ष 2024 में उन्हें 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया था। वे छत्तीसगढ़ के पहले साहित्यकार थे जिन्हें यह सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान मिला। इसके अलावा उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए।

उनकी प्रमुख कृतियों में नौकर की कमीज, दीवार में एक खिड़की रहती थी, खिलेगा तो देखेंगे जैसे उपन्यास और कई चर्चित कविता व कहानी संग्रह शामिल हैं। उनका लेखन हिंदी साहित्य में एक अलग ही संवेदनात्मक और वैचारिक दृष्टि प्रस्तुत करता है।

राजकीय सम्मान के साथ होने वाला उनका अंतिम संस्कार बुधवार को रायपुर में किया जाएगा।


IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button