छत्तीसगढ़ : प्रदेशभर के पटवारी आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर

प्रदेशभर के सारे पटवारी सरकार के खिलाफ आंदोलन खोल दिया है। आज से प्रदेशभर के सारे पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। 13 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश पटवारी संघ हड़ताल पर जाने का ऐलान कर चुका है। दो साल पहले मिले आश्वासन के बाद हड़ताल समाप्त करने वाले पटवारी चुनाव से पहले सरकार से अपनी मांग मनवाने के मूड में नज़र आ रहे हैं। आपको बता दें कि पहले भी पटवारी राज्य सरकार के खिलाफ कई बार हड़ताल कर चुके है।
ये हैं पटवारियों की आठ मांगें
1. CG Patwari Strike : वेतन विसंगति को दूर कर वेतन में बढ़ोत्तरी की जाए.
2. वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन किया जाए. राजस्व निरीक्षक के कुल पदों मे 50% पर पटवारियों के वरिष्ठता के आधार पर और 50% पदों पर विभागीय परीक्षा के आधार पर प्रमोशन किया जाए. साथ ही 5 वर्ष पूर्ण कर चुके पटवारियों को राजस्व निरीक्षक का प्रशिक्षण दिलाया जाए.
3. संसाधन और भत्ते की मांग.
4. स्टेशनरी भत्ते की मांग
5. अतिरिक्त प्रभार के हल्के का भत्ता की मांग
6. पटवारी भर्ती के लिए योग्यता स्नातक करने की मांग
7. मुख्यालय निवास की बाध्यता समाप्त की जाए.
8. बिना विभागीय जांच के एफआईआर दर्ज ना किया जाए.
‘जहां इंटरनेट नहीं वहां ऑनलाइन काम कैसे’
CG Patwari Strike : छत्तीसगढ़ पटवारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष भागवत कश्यप ने एबीपी न्यूज से चर्चा में बताया कि क़रीब दो साल पहले पटवारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर गए थे तब राजस्व विभाग के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर दी गई थी लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसलिए एक बार फिर प्रदेश भर के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि पटवारियों के मुख्यालय में रहने की बाध्यता है और ऑन लाइन काम करना है तो जहां हल्के बीहड़ में इंरनेट नेट नहीं है वहां ऑनलाइन काम कैसे होगा. उन्होंने बताया कि वेतन विसंगति, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति, बिना विभागीय जांच के एफआईआर समेत अन्य मांग के लेकर ये हड़ताल है, उम्मीद है कि मांग पूरी होगी क्योंकि सभी मांग ज़रूरी आवश्यकता से जुड़ी हैं.
छत्तीसगढ़ प्रदेश के पटवारी अपने संघ के बैनर तले अपनी वेतन विसंगति और प्रमोशन जैसे तमाम मुद्दों को लेकर दो साल पहले भी हड़ताल कर चुके हैं. उस दौरान राजस्व मंत्री के मान मनौव्वल और आश्वासन के बाद पटवारी संघ ने 10 दिन में अपनी हड़ताल समाप्त कर दी थी लेकिन 2 साल तक कोरे आश्वासन के साथ काम करने वाले पटवारी एक बार फिर अपनी प्रदेश इकाई के आह्वान पर फिर से हड़ताल में जाने की तैयारी कर चुके हैं. ग़ौरतलब है कि 15 मई से आयोजित अनिश्चितकालीन हड़ताल के पहले बीते 24 अप्रैल को पटवारियों ने एक दिवसीय चेतावनी आंदोलन किया था लेकिन सरकार पर उसका कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा. इसलिए अब 15 मई से पटवारी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर जा रहे हैं.



