रायपुर:कारोबारी गुरुचरण होरा के खिलाफ गुस्सा,पत्नी-बच्चों सहित धरने पर बैठे लोग, बोले-1 करोड़ नगद और जमीन खाली करने की मिल रही धमकी

कारोबारी गुरुचरण होरा की रसूख के आगे न प्रशासन मदद कर रहा है न पुलिस। थक हारकर अब शहर के कुछ परिवारों ने उसके खिलाफ आवाज बुलंद की और धरना दिया। रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर ये परिवार महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंच गए।
इनका कहना है कि शहर का एक बड़ा कारोबारी इनकी जमीन हथियाने इन्हें परेशान कर रहा है। जमीन खाली करने के लिए धमका रहा है। यह भी कह रहा है कि अगर परेशानी से बचना है तो मुझे 1 करोड़ नगद दे दो।

महिलाएं भी विरोध में उतरीं।
ये पूरा मामला रायपुर के कुशालपुर इलाके में हाईवे से लगी 4 एकड़ जमीन से जुड़ा है। यहां जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप कारोबारी गुरुचरण सिंह होरा पर लोगों ने लगाया है। यहां प्रदर्शन करने आए सत्येंद्र सोनकर ने कहा कि होरा ने मुझे अपने दफ्तर बुलाकर धमकाया और जमीन से हटने को कहा। मामला कोर्ट में है,उसके गुंडे हमें आए दिन परेशान करते हैं, हमारी शिकायतों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

लोगों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
ये है पूरा मामला
चांगोराभाटा, सुंदर नगर रिंग रोड से लगी चमारिन बाई सोनकर की 4 एकड़ जमीन थी। पुरानी बस्ती में रहकर चमारिन भाई सोनकर नाम की ये महिला सब्जी बेचने का काम करती थी। जमीन का खसरा नंबर 78 है चमारिन बाई की मृत्यु साल 1980 में हो गई। आरोप है कि इसे वर्ष 1999 में जीवित बताकर गुरु चरण सिंह होरा ने अपने भांजे इंद्रपाल सिंह रंजीत सिंह हरपाल सिंह मनजीत सिंह और तत्कालीन पटवारी अजय ठाकुर के भाई विजय ठाकुर तथा मनीष बुधिया अविनाश कुमार विद्यावती नाम के लोगों के साथ मिलकर आधा आधा एकड़ भूमि की फर्जी रजिस्ट्री करवा ली ।
इस रजिस्ट्री को बाद में कोर्ट ने शून्य भी घोषित कर दिया था, अब फिलहाल इस जमीन पर सोनकर परिवार के साथ-साथ अन्य परिवार भी रहते हैं। मगर लगातार पुरानी फर्जी रजिस्ट्री का हवाला देकर होरा और उसके गुर्गे लोगों पर जमीन के कब्जे का दबाव बना रहे हैं। वसूली का प्रयास कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण पर स्थानीय रहवासियों ने कार्रवाई की मांग की है।


