Chhattisgarh

पांच से आठ मीटर ऊंची होर्डिंग्स लगाई जा रही:18 मीटर ऊंची बिल्डिंग में 2 मीटर की होर्डिंग उससे ज्यादा में तीन मीटर से अधिक नहीं होगी

नेशनल बिल्डिंग कोड के नियमों के मुताबिक 18 मीटर ऊंची बिल्डिंग में अधिकतम दो मीटर ऊंचाई वाली होर्डिंग्स ही लगाई जा सकती है। इससे अधिक ऊंची बिल्डिंग में होर्डिंग्स की ऊंचाई तीन मीटर से अधिक नहीं हो सकती है। राजधानी में चारों तरफ लगे वैध-अवैध होर्डिंग्स में नेशनल बिल्डिंग कोड के इस नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। होर्डिंग्स के लिए अनुमति देते वक्त नगर निगम भले ही साइज और डिजाइन को लेकर निर्देश देता है, लेकिन बनाने या लगाने के वक्त मानिटरिंग की कोई व्यवस्था नहीं है। यही वजह है कि होर्डिंग्स से पट चुकी राजधानी की सुरक्षा खतरे में है और सुंदरता भी खराब हो रही है।

होर्डिंग्स की ऊंचाई संबंधित बिल्डिंग की ऊंचाई के अनुपात में ही होनी चाहिए। भवन की सुरक्षा के साथ ही तेज हवा के कारण होर्डिंग्स के गिरने का खतरा भी कम से कम किया जाना है। शहर में ज्यादातर जगहों पर लगे होर्डिंग्स पांच से आठ मीटर ऊंचे हैं। यही वजह है कि थोड़ी से तेज हवा चलते ही होर्डिंग्स फटकर गिर जाते हैं। देश के अलग-अलग महानगरों में होर्डिंग्स को लेकर स्थानीय लोगों ने हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

सुप्रीम कोर्ट ने 2017 में आदेश दिया है कि स्थानीय बॉडीज को अवैध होर्डिंग्स को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करे। राजनीतिक पार्टियों को भी इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि होर्डिंग्स और बैनर पोस्टर की वजह से लोगों को किसी तरह की दिक्कत या आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस संबंध में उनकी राय भी ली जा सकती है।

निगम का मैदानी अमला अवैध होर्डिंग्स को लेकर लगातार जांच-पड़ताल करता है। इसके बावजूद यदि अवैध होर्डिंग्स की शिकायत है तो विशेष टीम बनाकर जांच की जाएगी। अवैध होर्डिंग्स पाई जाने पर कार्रवाई होगी। वैध-अ‌वैध की पहचान के लिए बार कोडिंग इत्यादि पर विचार किया जा रहा है। एजाज ढेबर, महापौर रायपुर

निगरानी का सिस्टम नहीं जिया टैगिंग की ओर
शहर में लगाई जाने वाली होर्डिंग्स के वैध-अवैध की पहचान का सिस्टम रायपुर नगर निगम के पास नहीं है। रायपुर ही नहीं देशभर के कई महानगरों में वैध-अवैध होर्डिंग्स को लेकर चल रही बहस का मुद्दा यही है। कोई होर्डिंग वैध है या अवैध यह निगम के ही अधिकारी बता सकते हैं। राजनीतिक दबाव या अन्य कई वजहों से निगम के अधिकारी भी इसका खुलासा नहीं करते और यह दावा करते हैं कि सभी होर्डिंग्स वैध हैं।

इससे एक तरफ नगर निगम को टैक्स या शुल्क का नुकसान होता है और दूसरी तरफ शहर की सुंदरता और सुरक्षा भी खतरे में रहती है। इन्हीं शिकायतों के बाद आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र समेत कुछ राज्यों के स्थानीय नगरीय निकाय होर्डिंग्स पर बार कोड और जिया टैगिंग कर रहे हैं। इससे होर्डिंग्स वैध है या अवैध इसका तत्काल पता चल जाएगा।

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Manish Tiwari

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