‘छत्तीसगढ़ सरकार राम राज्य के रास्ते पर चल रही’:CM भूपेश ने अविमुक्तेश्वरानंद के समर्थन में कहा- हिंदूराष्ट्र मांगने वाले अमित शाह का करें घेराव

रायपुर
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के हिंदूराष्ट्र नहीं राम राज्य वाले बयान पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रतिक्रिया दी है।
प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से कहा है कि वो हिंदूराष्ट्र नहीं बल्कि राम राज्य चाहते हैं। इस बयान का समर्थन प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार राम राज्य के रास्ते पर है। इशारों-इशारों में भाजपा के नेताओं पर भी मुख्यमंत्री ने निशाना साधा।
रायपुर से अपने कार्यक्रमों में रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत की। CM भूपेश बघेल ने कहा- देश के गृह मंत्री ने इंटरव्यू में कहा कि देश अंबेडकर साहब के बनाए संविधान के अनुसार चलेगा। उसके बाद यह जितने भी हिंदू राष्ट्र की मांग करने वाले लोग हैं उनको तो अमित शाह का घेराव कर देना चाहिए।
शंकराचार्य के राम राज्य वाले बयान के समर्थन में मुख्यमंत्री ने भूपेश बघेल ने अपनी बात रखी है।
अब क्योंकि हिंदू राष्ट्र तो छत्तीसगढ़ से लागू नहीं होगा या किसी और राज्य से लागू नहीं होगा यह तो पूरे देश में लागू होगा और जब गृह मंत्री बयान दे रहे हैं तो उसके खिलाफ में यह एक शब्द नहीं बोल रहे हैं । जो शंकराचार्य ने बात कही बिल्कुल सही कही है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा- राम राज्य की बात महात्मा गांधी ने भी कही थी। बड़े बुजुर्ग कहते हैं रामराज आना चाहिए लोगों का सपना है, जब कोई अच्छा काम होता है लोग कहते हैं राम राज्य उतर आया है और यह एक आदर्श स्थिति है राम राज्य की और छत्तीसगढ़ सरकार उस रास्ते में चल रही है।
हिंदूराष्ट्र की चर्चा सबसे अधिक छत्तीसगढ़ से ही
19 मार्च को रायपुर में धर्म सभा का आयोजन किया गया। इस सभा का आयोजन विश्व हिंदू परिषद की अगुवाई में हुआ। यहां जूना अखाड़े के प्रमुख स्वामी अवधेशानंद गिरी महाराज ने कहा कि-जापान के लोग जापानी हैं, लेबनान के लेबनानी हैं, फ्रांस के फ्रेंच हैं, यूरोप में यूरोपियन, अमेरिका में अमेरिकन तो फिर हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू हैं। उन्होंने कहा-लाखों-लाखों साल पहले हम हिंदू थे। हिंदू हैं और हिंदू रहेंगे।
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उन्होंने देश के कई मुद्दों पर बातचीत की।
इस आयोजन में हिंदू राष्ट्र का संकल्प लिया गया। मंच पर छत्तीसगढ़ के ही संत राजीव लोचन दास जी महाराज ने कहा कि हिंदुओं को अपने तन में शस्त्र रखना चाहिए और मन में शास्त्र। तभी वह हिंदू है और यदि ऐसे हिंदू होंगे तो हिंदू राष्ट्र अपने आप घोषित हो जाएगा। प्रदेश में इसके बाद से ही हिंदूराष्ट्र पर चर्चा का माहौल अधिक है। हालांकि इस कार्यक्रम का कांग्रेस ने दबी जुबां में विरोध किया था, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस कार्यक्रम में आए संतों को भाजपा समर्थक बताया था।
रायपुर में मीडिया से चर्चा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती, उन्होंने देश के कई मुद्दों पर बातचीत की।
ये तय नहीं है कि हिंदू राष्ट्र का प्रारूप कैसा होगा
1. हिंदू राष्ट्र के मसले पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि इसकी बात करने वालों ने कोई प्रारूप ही नहीं बताया है। ये तय नहीं है कि हिंदू राष्ट्र का प्रारूप कैसा होगा। इससे हमारे जीवन में क्या बदलाव आएंगे। इसलिए जब पता ही नहीं है कि इसमें क्या होगा तो न हम इसका समर्थन करते हैं न विरोध करते हैं।
T की किताबों में मुगलों के चैप्टर हटाए जाने पर कहा कि, पहले के समय में हमने हमारे राजाओं को छोड़कर केवल मुगल-मुगल पढ़ाया। अब वो पूरी तरह से हटा देना उतना ही गलत है। जितना की पहले सिर्फ मुगल-मुगल पढ़ाना गलत था। इतिहास के मामले में तो तटस्थ रहना होगा। जो जैसा है उसे वैसा ही पढ़ाया जाए। लेकिन यदि इसके पीछे ये सोच है कि हमारे बच्चे हिंदू राजाओं के बारे में जाने यह उनके काम की बात है मुगलों से क्या लेना-देना तो फिर ठीक है, मगर यदि हम इतिहास पढ़ रहे हैं तब तो जो जैसा है उसे वैसा ही पढ़ाया जाना सही होगा।
3. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि, शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए। मदरसे में अगर धार्मिक पढ़ाई हो सकती है तो, स्कूलों में हिंदू धर्म की पढ़ाई क्यों नहीं हो सकती। ईसाई मिशनरी वाले स्कूलों में प्रेयर हो सकती है। हिंदू खतरे में है कहा जाता है हिंदू खतरे में तब होगा जब वो अपने धर्म से दूर जाएगा। स्कूलों में बताया ही नहीं जाता कि आचमन कैसे होगा आरती कैसे होगी, संविधान में कहा गया है कि बहुसंख्यक समाज अपनी धार्मिक शिक्षा स्कूलों में नहीं दे सकते तो पहले तो इसे बदलना होगा।
4. साईं भगवान नहीं, इस बात का समर्थन…बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि साईं बाबा भगवान नहीं हैं। इस बयान का स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि, धीरेंद्र कृष्ण के बयान को हमने देखा है उन्होंने शंकराचार्य जी का उल्लेख करते हुए कहा है, शंकराचार्य इस देश में धर्म के प्रधानमंत्री हैं उन्होंने जो कहा उसका पालन हिंदू समाज नहीं करेगा तो कौन करेगा। उन्होंने कहा था साईं बाबा के बारे में इसी वजह से हम समर्थन करते हैं।
5. राजनीतिक दल से जो ताल्लुक रखते हैं वो संत हिंदू महात्मा नहीं हैं..देश में कई संत हैं जो राजनीतिक दलों से संबंध रखते हैं, जो संत राजनीतिक पार्टी में शामिल हो जाते हैं, वह हिंदू महात्मा नहीं हैं। राजनीतिक दल के नेता इस शपथ के साथ काम करते हैं कि वो धर्मनिरपेक्ष होंगे। चाहे भाजपा हो या कांग्रेस या कोई भी राजनीतिक दल। इसलिए जो कोई भी संत महात्मा चाहे कितने ही बड़े पद पर हों, जब राजनीतिक दल में चले जाते हैं तो वो धार्मिक नहीं रह जाते। वो धर्मनिरपेक्ष हो जाते हैं।



