Chhattisgarh

रायगढ़ : ’केलो है तो कल है’ के संकल्प के साथ पहाड़ लुडेग से केलो संरक्षण महाभियान का हुआ आगाज

विधायक लैलूंगा श्री चक्रधर सिंह सिदार व कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने की अभियान की शुरुआत
जिले के अंतिम छोर में बसा पहाड़ लुडेग है केलो नदी का उद्गम
पहले चरण में 25 कि.मी. का होगा उपचार
तटवर्ती 12 गांव प्रोजेक्ट में शामिल, इन गांवों के जनप्रतिनिधि शुभारंभ पर रहे मौजूद
प्रशासन के साथ जनसहभागिता से होगा केलो संरक्षण का कार्य
’रिज टू वैली’ के कांसेप्ट पर होगा काम
क्षेत्र और नरवा उपचार दोनों मोर्चों पर साथ-साथ चलेगा काम, बनी कार्ययोजना
रायगढ़, 7 अप्रैल 2023
कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा की पहल पर तैयार किए जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट रायगढ़ की जीवनदायिनी केलो के संरक्षण और संवर्धन का शुभारंभ हुआ। रायगढ़ जिले के अंतिम छोर में स्थित केलो नदी के उद्गम स्थल पहाड़ लुडेग से विधायक श्री चक्रधर सिंह सिदार व कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने अभियान की शुरुआत की। सीईओ जिला श्री अबिनाश मिश्रा भी इस दौरान मौजूद रहे। इस महाभियान के पहले चरण में नदी के शुरुआती 25 कि.मी.में काम किया जाएगा। इसके लिए विस्तृत डीपीआर भी तैयार करवाया गया है। इसमें नदी के किनारे बसे 12 गांव भी शामिल हैं। शुभारंभ के मौके पर इन गांवों के सरपंच, उपसरपंच और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। शुभारंभ के मौके पर विधायक श्री चक्रधर सिंह सिदार ने कहा कि केलो नदी न सिर्फ  लैलूंगा बल्कि पूरे रायगढ़ जिले की पहचान है। इसके पुनरुद्धार और संरक्षण के लिए महाभियान की शुरुआत एक बेहद जरूरी पहल है। उन्होंने कहा प्रशासन के साथ जन सहभागिता से केलो नदी के संरक्षण के प्रयास को बल मिलेगा। उन्होंने तटवर्ती गांवों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि इस अभियान में अपना शत-प्रतिशत सहयोग देने का संकल्प लें। 
कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि केलो नदी रायगढ़ की जीवन रेखा है। यह जिले की प्यास बुझाने के साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराती है। केलो नदी को सहेजना और संवारना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाए हैं। जिससे आने वाले समय में नदी का स्वरूप निखरे। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य है कि प्राकृतिक जल को व्यर्थ बहने से रोका जाए और रुके हुए जल को भूमिगत किया जाए। जिससे पानी का अधिकतम उपयोग हो। केलो नदी के पुनरुद्धार व संरक्षण के लिए पिछले 2 माह से तैयारी की जा रही थी। जिला पंचायत के नरवा शाखा के साथ ग्रामीण यांत्रिकी सेवा ने इसके लिए सर्वे कर विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार किया है। केलो नदी के तट पर बसे 12 गांवों को भी इसमें शामिल किया गया है। संरक्षण के लिए एरिया ट्रीटमेंट और नरवा ट्रीटमेंट दोनों मोर्चों पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के लिए डीएमएफ  व सीएसआर से राशि दी जाएगी। इसके साथ ही नरवा संवर्धन व पंचायतों के माध्यम से भी कार्य किए जाएंगे।इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री अबिनाश मिश्रा ने पूरे प्रोजेक्ट के तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा। केलो नदी जिले के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके संरक्षण और संवर्धन की दिशा में प्रशासन के साथ जन सहभागिता इस मुहिम को मजबूती देगी। गौरतलब है कि राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं।    
          इस अवसर पर श्रीमती यशोमती सिंह सिदार जिला पंचायत सदस्य जिला पंचायत रायगढ़, श्रीमती किरण पैंकरा जनपद अध्यक्ष जनपद पंचायत लैलूँगा, श्री ठण्डाराम बेहरा, इसके अलावा सरपंच ग्राम पंचायत आमापाली, गुनु, दियागढ़, लारीपानी, पहाड़ लुड़ेग, मोहनपुर, भकुर्रा, गंजपुर, खम्हार, उप सरपंच भकुर्रा, राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य व पंचगण उपस्थित रहे।
नदी किनारे बसे 12 गांवों के लिए बना माइक्रोप्लान
अभियान के पहले चरण में नदी के शुरुआती 25 कि.मी.का उपचार किया जाएगा। इसमें नदी किनारे बसे 12 गांवों में काम किया जाएगा। सभी गांवों के लिए अलग-अलग माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। केलो नदी के उद्गम पहाड़ लुडेग के साथ राताखंड, घियारमुडा, आमापली, सोहनपुर, सागरपाली, भकुर्रा, गहिरा, दियागढ़, चिंगारी, गजपुर तथा मडियाकछार में काम होगा।
रिज टू वैली कांसेप्ट से होगा काम
केलो नदी के पुनरुद्धार के लिए वॉटरशेड के रिज टू वैली कांसेप्ट से काम किया जाएगा। इसमें चोटी पर नदी के उद्गम से लेकर नीचे की ओर जाने वाले नदी की लाइनिंग को जोड़ा जाएगा। इसमें पूरे क्षेत्र को ढलान के अनुसार अलग-अलग भागों में बांटा गया है। जिसमें बहाव को नियंत्रित करने तथा जल को स्टोर करने के लिए अलग-अलग उपाय किए जायेंगे।
25 कि.मी. में होगा एरिया और नरवा ट्रीटमेंट
डीपीआर के अनुसार एरिया और नरवा ट्रीटमेंट किया जाएगा। जिससे नदी के तटों का कटाव, गाद जमा होना, बहाव में कमी, घटता भू-जल जैसी समस्याओं को दूर किया जा सके। इसमें नरवा ट्रीटमेंट के लिए ब्रशवुड चेक, लूज बोल्डर चेक, गेबियन स्ट्रक्चर, चेक डैम तथा स्टॉप डैम का निर्माण किया जाएगा। एरिया ट्रीटमेंट के तहत विभिन्न स्ट्रक्चर जैसे कंटूर ट्रेंच, पर्काेलेशन टैंक, स्टेटगार्ड ट्रेंच साथ ही ढलान के मुताबिक विभिन्न प्रजाति के पौधों और वृक्षों का प्लांटेशन किया जाएगा।
जिले के पर्यटन मानचित्र में अंकित होगा पहाड़ लुडेग
केलो नदी का उद्गम पहाड़ लुड़ेग प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। पहाड़ी इलाकों से गुजरते रास्ते किसी हिल स्टेशन का अहसास देते हैं। पहाड़ लुडेग के सुरम्य वातावरण और भौगोलिक व ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने कहा कि यहां पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी जिससे पहाड़ लुडेग जिले के पर्यटन मानचित्र पर जल्द अंकित हो। उन्होंने केलो नदी के उद्गम स्थल पर भी जरूरी निर्माण करने तथा वृक्षारोपण करने के निर्देश दिए।
वृक्ष संपदा योजना के तहत किया पौधों का वितरण
आज पहाड़ लुडेग में आयोजित कार्यक्रम में विधायक लैलूंगा श्री चक्रधर सिंह सिदार व कलेक्टर श्री तारन प्रकाश सिन्हा ने वृक्ष संपदा योजना के तहत विभिन्न प्रजाति फलदार व अन्य पौधों का वितरण ग्रामीणों को किया।

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Manish Tiwari

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