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खेतों को मिलेगा पानी, सूखे को मिलेगी हार—मुख्यमंत्री साय ने किया 220 करोड़ की सिद्धबाबा जलाशय परियोजना का निरीक्षण, 34 गांवों में फैलेगी सिंचाई की नई रोशनी

छुई खदान, 16 मई 2025 मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विकासखंड छुईखदान के ग्राम गभरा का दौरा कर निर्माणाधीन सिद्धबाबा जलाशय परियोजना का निरीक्षण किया। लगभग 220 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित हो रही यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र की सिंचाई और जल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रस्तावित इस लघु जलाशय योजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है। यह परियोजना जिला मुख्यालय से 22 किमी दूर ग्राम उरतुली के पास लमती नदी पर स्थापित की जा रही है। जल संसाधन विभाग, मंत्रालय महानदी भवन, नया रायपुर–अटल नगर द्वारा इसे 9 मार्च 2022 को स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना की अनुमानित लागत ₹220.07 करोड़ है।

सिंचाई का होगा बड़ा विस्तार

सिद्धबाबा जलाशय की कुल जलभराव क्षमता 9.496 मिलियन घन मीटर निर्धारित की गई है। इसके निर्माण से खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, बेमेतरा और दुर्ग जिलों के कुल 34 गांवों में लगभग 1840 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी।

  • खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र के 19 गांवों (गगरा, बुंडेली, सूरादरी, कोटरा आदि) में 885 हेक्टेयर।
  • बेमेतरा जिले के साजा विधानसभा क्षेत्र के 11 गांवों (पचरसोरी, जानो, सोहागपुर आदि) में 820 हेक्टेयर।
  • दुर्ग जिले के 4 गांवों (अगारकला, नवागांव आदि) में 135 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।

जलाशयों को भी मिलेगा जीवनदान

परियोजना से 23 लघु जलाशयों को जलापूर्ति की जाएगी, जिससे जल संरक्षण और कृषि उत्पादन को नई ऊर्जा मिलेगी। इनमें छुईखदान विकासखंड के 13, साजा विकासखंड के 7 और धमधा विकासखंड के 3 जलाशय शामिल हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

यह परियोजना न केवल सिंचाई सुविधाओं को सशक्त बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, खाद्य सुरक्षा और किसान आत्मनिर्भरता को भी मजबूती प्रदान करेगी। इससे सूखे की मार झेल रहे क्षेत्रों को स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है।


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Manish Tiwari

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