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‘सहकारिता से समृद्धि’ का मिशन तेज: केदार कश्यप ने संभाली कमान, 8 दिन तक प्रदेशभर में होंगे बड़े आयोजन

रायपुर, 25 जून 2026

भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक पूरे देश में सहकारी सप्ताह मनाया जाएगा। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में भी सहकारिता को जनआंदोलन का रूप देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेशभर में विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर, सहकार मेला, अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता दिवस समारोह और सहकारी संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा।

इस पूरे अभियान की तैयारियों की कमान सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने संभाल रखी है। उन्होंने हाल ही में विभागीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर की पैक्स समितियों तथा संभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कश्यप ने सभी संस्थाओं को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने और सहकारिता आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

सहकारी सप्ताह के दौरान प्रदेश की 2573 पैक्स समितियों सहित दुग्ध, मत्स्य, बुनकर और अन्य सहकारी समितियों द्वारा विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, माइक्रो एटीएम सुविधा, किसान क्रेडिट कार्ड और रू-पे केसीसी कार्ड वितरण, सहकार दौड़, वृक्षारोपण, मृदा परीक्षण और कृषक संगोष्ठियां प्रमुख रूप से शामिल रहेंगी।

सप्ताह के समापन अवसर पर 6 जुलाई 2026 को सहकारी क्षेत्र में विकेंद्रीकृत विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत प्रदेश के 9 पैक्स में नए गोदाम निर्माण कार्यों का भूमिपूजन भी किया जाएगा। इसे सहकारी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

वहीं 3 और 4 जुलाई को रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मंडपम ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय सहकारी चिंतन शिविर और सहकार मेले का आयोजन होगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि केदार कश्यप इसकी अध्यक्षता करेंगे।

इस आयोजन में नाबार्ड, एनसीडीसी, नैफेड, इफको, कृभको, सीएससी, राज्य सहकारी संघ सहित कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय संस्थाएं भाग लेंगी। सहकार मेले में सहकारिता क्षेत्र की उपलब्धियों, नवाचारों और सफल मॉडलों को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही किसानों, महिला समूहों, दुग्ध उत्पादकों, मत्स्य पालकों, बुनकरों और ग्रामीण उद्यमियों को सहकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

सहकारिता विभाग का मानना है कि यह सप्ताह केवल सरकारी कार्यक्रम न रहकर जनभागीदारी का बड़ा अभियान बनेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और सहकारिता के माध्यम से आत्मनिर्भरता का लक्ष्य मजबूत होगा।

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Manish Tiwari

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