छत्तीसगढ़

विशेष लेख : प्राकृतिक सौंदर्य, रोमांच और आध्यात्मिक आस्था का संगम: पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा जशपुर

सुनील त्रिपाठी, सहायक संचालक जनसंपर्क
नूतन सिदार, सहायक संचालक जनसंपर्क

रायपुर, 01 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जशपुर जिला अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध आदिवासी संस्कृति और विविध पर्यटन स्थलों के कारण प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।

हरी-भरी पहाड़ियां, घने साल के जंगल, कल-कल बहते झरने, स्वच्छ नदी-नाले और शांत वातावरण जशपुर को प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनाते हैं। महानगरों की व्यस्त और भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर सुकून के कुछ पल बिताने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।

जशपुर में प्रकृति, रोमांच, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिलता है। जिले के विभिन्न विकासखंडों में स्थित पर्यटन स्थल हर वर्ष हजारों पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

रानीदाह जलप्रपात

जशपुर मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित रानीदाह जलप्रपात हरी-भरी पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित है। वर्षा ऋतु में इसकी प्राकृतिक छटा और भी मनमोहक हो जाती है। यह पिकनिक एवं प्रकृति प्रेमियों के लिए पसंदीदा स्थल है।

कैलाश गुफा

बगीचा विकासखंड में स्थित कैलाश गुफा घने जंगलों के बीच प्राकृतिक रूप से निर्मित अद्भुत गुफा है। यहां भगवान शिव का मंदिर तथा संत गहिरा गुरु का आश्रम स्थित है। यह स्थान आध्यात्मिक शांति एवं प्राकृतिक सौंदर्य का अनुपम संगम प्रस्तुत करता है।

राजपुरी जलप्रपात

बगीचा विकासखंड का राजपुरी जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम वातावरण के लिए प्रसिद्ध है। यहां पहुंचकर पर्यटक प्रकृति के बीच अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त करते हैं।

मयाली नेचर कैम्प

कुनकुरी विकासखंड का मयाली नेचर कैम्प एडवेंचर और प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। यहां बोटिंग सहित प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सकता है।

विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग – मधेश्वर पहाड़

कुनकुरी क्षेत्र में स्थित मधेश्वर पहाड़ प्राकृतिक रूप से शिवलिंग के आकार का विशाल पर्वत है। इसे विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के रूप में गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। यह स्थल धार्मिक आस्था और प्राकृतिक आश्चर्य दोनों का अद्भुत उदाहरण है।

कोतेबिरा

फरसाबहार विकासखंड में ईब नदी के तट पर स्थित कोतेबिरा अपनी विशाल प्राकृतिक चट्टानों, शांत वातावरण और मनोहारी पहाड़ी श्रृंखलाओं के लिए प्रसिद्ध है।

खुडिया रानी गुफा

बगीचा विकासखंड स्थित खुडिया रानी गुफा ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व का महत्वपूर्ण स्थल है, जहां प्रकृति और इतिहास का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।

पर्यटकों की सुविधा के लिए बेहतर संपर्क

जशपुर सड़क मार्ग से प्रदेश के प्रमुख शहरों से सुगमता से जुड़ा हुआ है। निकटतम रेलवे स्टेशन रांची (झारखंड) और झारसुगुड़ा (ओडिशा) हैं। रांची स्थित बिरसा मुंडा हवाई अड्डे तथा झारसुगुड़ा हवाई अड्डे तक हवाई यात्रा कर पर्यटक लगभग तीन घंटे की सड़क यात्रा के बाद जशपुर पहुंच सकते हैं। रायगढ़, सरगुजा और बिलासपुर से भी सड़क मार्ग द्वारा जशपुर तक आसानी से पहुंचा जा सकता है।

ग्रामीण पर्यटन को मिल रही नई पहचान

जिले में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पांच होमस्टे स्थापित किए गए हैं। स्थानीय ग्रामीणों को होमस्टे संचालन, आतिथ्य प्रबंधन एवं पर्यटक सेवाओं का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आय में वृद्धि के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

जिला प्रशासन ने केरे गांव को एक आकर्षक एवं भरोसेमंद ग्रामीण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किया है। इससे स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और ग्रामीण जीवन शैली से पर्यटकों को परिचित होने का अवसर मिल रहा है।

प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक आस्था, रोमांच और आदिवासी संस्कृति का अद्भुत संगम समेटे जशपुर आज छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। यहां आने वाला प्रत्येक पर्यटक प्रकृति के बीच सुकून, रोमांच और अविस्मरणीय अनुभव लेकर लौटता है।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button