CG में बारिश से रपटा पुल धंसा, दर्जनों गांवों का संपर्क टूटा : ग्रामीणों ने जांच और तत्काल वैकल्पिक मार्ग की मांग की

गरियाबंद, 23 सितम्बर 2026। जिले के बिंद्रानवागढ़-सातधार मार्ग पर लगातार बारिश के चलते प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 18 साल पहले बनाया गया रपटा पुल क्षतिग्रस्त होकर ढह गया। पुल टूटने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पुल टूटने के बाद ग्रामीणों को मजबूरी में क्षतिग्रस्त हिस्से को पार कर आवाजाही करनी पड़ रही है। वहीं, मार्ग बंद होने से बड़े वाहनों और एंबुलेंस की आवाजाही प्रभावित हो गई है। आपात स्थिति में मरीजों को खाट या पैदल मुख्य सड़क तक ले जाने की स्थिति बन गई है। गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी ग्रामीणों को परेशानी हो रही है।
50 लाख की लागत से बना था पुल, घटिया निर्माण का आरोप
ग्रामीणों के अनुसार, रपटा पुल के निर्माण में करीब 50 लाख रुपये खर्च हुए थे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पुल की गुणवत्ता और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण यह समय से पहले क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक मार्ग या अस्थायी रपटे की व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और आम लोगों को राहत मिल सके।
निर्माण किसने कराया, अधिकारी को भी नहीं जानकारी
मामले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग के गरियाबंद कार्यपालन अभियंता राहुल चंद्राकर ने बताया कि बारिश के कारण रपटा धंस गया है और फिलहाल आवागमन बंद है। पुल के दोनों ओर प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। उन्होंने कहा कि रपटा विभाग या ग्राम पंचायत द्वारा बनाया गया था, इसकी जानकारी फाइल देखने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
सरपंच ने PMGSY विभाग पर लगाया निर्माण का दावा
ग्राम पंचायत पतोरा के सरपंच कृष्णकुमार नाग का दावा है कि रपटा पुल का निर्माण करीब 18 वर्ष पहले प्रधानमंत्री ग्राम सड़क विभाग ने 50 लाख रुपये से अधिक की लागत से कराया था। उन्होंने कहा कि पुल लंबे समय से धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त हो रहा था और इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन समय पर सुधार नहीं कराया गया।
लगातार बारिश के बाद पुल पूरी तरह धंस गया, जिससे पाराटोला क्षेत्र के हजारों लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। सरपंच ने क्षेत्र में स्थायी बड़े पुल के निर्माण के साथ तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कराने की मांग की है।



