ट्रंप की ईरान को दो टूक चेतावनी: “बातचीत ही आखिरी रास्ता, नहीं माने तो कार्रवाई तय”

इस्लामाबाद में प्रस्तावित शांति वार्ता से ठीक पहले डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि उसके पास बातचीत के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि “ईरान सिर्फ बातचीत के लिए ही जिंदा है”, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में आज अहम शांति वार्ता होने जा रही है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। इस बैठक में परमाणु कार्यक्रम, क्षेत्रीय सुरक्षा और खासतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होगी।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का दुरुपयोग करने और दुनिया को “ब्लैकमेल” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि ईरान सहयोग नहीं करता, तो अमेरिका खुद कदम उठाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाएगा।
साथ ही ट्रंप ने ईरान पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया—एक तरफ बातचीत में नरमी दिखाना और दूसरी तरफ यूरेनियम संवर्धन जारी रखना। उन्होंने संकेत दिए कि अगर वार्ता विफल होती है तो सैन्य विकल्प भी खुला है, जिसके लिए अमेरिकी युद्धपोत पहले से तैयार हैं।
अब सभी की नजर इस्लामाबाद में होने वाली इस अहम बैठक पर है, जहां यह तय होगा कि हालात शांत होंगे या टकराव और गहराएगा।



