
रायपुर, 30 मई 2026
छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव से जूझ रहे लोगों को जल्द राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 30 मई से प्रदेश में हीटवेव की स्थिति खत्म होने लगेगी। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में गरज-चमक, तेज आंधी और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान उत्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है। इसके बावजूद राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां तापमान 46 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं अंबिकापुर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विभाग द्वारा जारी तापमान ट्रेंड के अनुसार, रायपुर में मई 2026 के दौरान कई बार तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचा। हालांकि 26 मई 1998 को दर्ज 47 डिग्री सेल्सियस के 28 साल पुराने रिकॉर्ड को इस बार भी नहीं तोड़ा जा सका। बावजूद इसके, लगातार कई दिनों तक 43 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान बने रहने से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव जैसी स्थिति बनी रही।
राजधानी रायपुर में आज आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ बारिश और धूलभरी आंधी चलने की संभावना जताई गई है। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
प्रदेश के कई इलाकों में बारिश भी दर्ज की गई है। सुकमा में सर्वाधिक 40 मिमी वर्षा हुई, जबकि जगदलपुर, तोंगपाल और दरभा में 30-30 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। टोकापाल में 20 मिमी तथा कोंडागांव, कोंटा, भानपुरी, लोहांडीगुड़ा और अंबिकापुर में 10-10 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। कुछ क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मध्य पाकिस्तान से ओडिशा तक बनी ट्रफ लाइन और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी वाली हवाओं के कारण प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश और बादलों की वजह से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। हालांकि तेज हवाओं और ओलावृष्टि से सब्जी, फल और आम की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है।



