मुड़पार गांव से संसद तक: भाजपा की दिग्गज नेता लक्ष्मी वर्मा निर्विरोध बनीं राज्यसभा सांसद, महिलाओं में खुशी की लहर

रायपुर: छत्तीसगढ़ में भाजपा के कोटे से राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनी वरिष्ठ महिला नेत्री लक्ष्मी वर्मा निर्विरोध राज्यसभा सांसद चुन ली गई हैं। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर ने उन्हें जीत का प्रमाणपत्र सौंपा। उनके निर्विरोध निर्वाचन से प्रदेश भाजपा कार्यकर्ताओं और खासकर महिलाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है।
राज्यसभा चुनाव के लिए 5 मार्च को उन्होंने विष्णु देव साय और विजय शर्मा की मौजूदगी में अपना नामांकन दाखिल किया था।
मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के मुड़पार गांव की रहने वाली लक्ष्मी वर्मा पिछले लगभग तीन दशकों से सक्रिय राजनीति में हैं। उन्होंने संगठन में एक साधारण कार्यकर्ता के रूप में शुरुआत की और अपनी मेहनत व सक्रियता के बल पर भाजपा में प्रदेश उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद तक का सफर तय किया।
लक्ष्मी वर्मा का राजनीतिक सफर साल 1994 में शुरू हुआ, जब वे पहली बार रायपुर नगर निगम के वार्ड नंबर 7 से पार्षद निर्वाचित हुईं। स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ बनाने के बाद उन्होंने वर्ष 2010 में रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष का पद भी संभाला और कई विकास कार्यों को आगे बढ़ाया।
राजनीति में लंबे अनुभव के साथ लक्ष्मी वर्मा ने संगठनात्मक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। अब राज्यसभा सांसद के रूप में उनसे प्रदेश के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से उठाने की उम्मीद जताई जा रही है।



