
रायपुर, 03 फरवरी 2026: छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना ने सुदूर वनांचल, विशेषकर बस्तर और सरगुजा क्षेत्रों में ग्रामीणों की यात्रा को सरल और सुरक्षित बना दिया है। योजना के तहत दूरस्थ गांवों को जिला मुख्यालयों, स्कूलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशनों से जोड़ा जा रहा है।
सरगुजा जिले के बादा से बरियों, चारपारा, ककना, सिधमा, अखोराखुर्द, रूखपुर, चिखलाडीह, नर्मदापारा, सरगवां और अम्बिकापुर तक बस सेवा शुरू होने से ग्रामीणों में उत्साह की लहर है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की दूरगामी सोच का परिणाम है कि अब इन दूरस्थ अंचलों में भी विकास की गूंज सुनाई दे रही है, जहां कभी परिवहन एक बड़ी चुनौती था।


सुगम सफर और समय की बचत
शहरी स्वास्थ्य अस्पताल में कार्यरत परमानिया पैकरा ने बताया कि पहले ड्यूटी पर समय पर पहुंचना और सुरक्षित घर लौटना मुश्किल था। अब बस सेवा शुरू होने के बाद उन्हें समय की बचत हुई है और सफर सुरक्षित बन गया है। स्वास्थ्य कर्मी चंदा टोप्पो ने भी कहा कि पहले आवागमन के साधन बहुत कम थे, अब उनकी पेशेवर जिंदगी आसान हो गई है।
विद्यार्थियों के लिए वरदान साबित हो रही बस सेवा
पुष्पेंद्र कॉलेज ऑफ नर्सिंग की फाइनल ईयर छात्रा लक्ष्मी ने बताया कि अब बस उनके घर के सामने से गुजरती है, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए आसानी हुई है। वहीं, पीजी कॉलेज की छात्रा निशा पहले 5 किलोमीटर पैदल चलकर बस पकड़ती थी, अब सिधमा गांव से सीधे गांधी चौक तक सफर कर पा रही हैं।
पैदल और लंबी दूरी की बाइक यात्रा से मिली मुक्ति
सिदमा गांव के दिव्यांशु सिंह ने बताया कि पहले उन्हें रोजाना 5 किलोमीटर तक बाइक या पैदल सफर करना पड़ता था, लेकिन अब बस सुविधा शुरू होने से स्कूल समय पर पहुंचना आसान हो गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस पहल के लिए धन्यवाद दिया।
सुदूर वनांचल के गांव विकास की मुख्यधारा से जुड़े
मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना सिर्फ एक परिवहन सेवा नहीं, बल्कि सुशासन का प्रतीक बन गई है। नियमित बस संचालन से व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच आसान हुई है। मुख्यमंत्री की पहल से अंतिम पंक्ति पर खड़े लोग भी सशक्त बन रहे हैं। आज सरगुजा के सुदूर वनांचल की सड़कों पर दौड़ती ग्रामीण बस प्रदेश की प्रगति की नई कहानी गढ़ रही है।



