छत्तीसगढ़ में 24 घंटे भारी बारिश का अलर्ट: गरियाबंद में गौठान बना टापू, 3 मासूम समेत परिवार रेस्क्यू, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

रायपुर, 30 जुलाई 2026। बंगाल की खाड़ी और ओडिशा के ऊपर बने डीप डिप्रेशन का असर अब छत्तीसगढ़ में साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। हालांकि विभाग का अनुमान है कि 31 जुलाई से बारिश की तीव्रता धीरे-धीरे कम हो सकती है।
पिछले 24 घंटे में रायपुर संभाग में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई, जबकि सरगुजा, दुर्ग, बस्तर और बिलासपुर संभाग के कई जिलों में भी तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से गरियाबंद के सुहागपुर गौठान में बाढ़ जैसे हालात बन गए। यहां 5, 3 और 2 साल के तीन मासूम बच्चों समेत एक परिवार करीब चार घंटे तक पानी से घिरा रहा। नगर सेना की टीम ने देर रात सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन गौठान में फंसी करीब 300 गायों को निकालने की तैयारी जारी है।
वहीं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में चार दिन पहले उफनते नाले में बह गए उप सरपंच देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी सविता पटेल के शव बुधवार को कार सहित बरामद किए गए। रेस्क्यू टीम ने घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर चिखली गांव के पास कार खोज निकाली।
लगातार बारिश के कारण गरियाबंद में सरगी नाला पार करते समय एक 55 वर्षीय व्यक्ति तेज बहाव में बह गया, जिसका शव बाद में बरामद हुआ। वहीं सक्ती जिले के दमाऊधारा में झरने के तेज बहाव में बह गए युवक का शव करीब 24 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मिला।
बारिश के चलते कई जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। सिकासार बांध से 15 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके बाद पैरी नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। वहीं धमतरी के सोंढूर डैम के सभी गेट भी खोल दिए गए हैं और नियंत्रित रूप से पानी छोड़ा जा रहा है।
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय डीप डिप्रेशन पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रदेश में लगातार नमी पहुंच रही है, जिससे रायपुर, दुर्ग और बस्तर संभाग में तेज बारिश का दौर जारी है। सिस्टम के आगे बढ़ने के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।
प्रदेश में इस मानसून सीजन के दौरान अब तक औसतन 477.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो सामान्य से 12 प्रतिशत कम है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यह अभी भी सामान्य श्रेणी में है। सबसे अधिक बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में रिकॉर्ड की गई, जहां सामान्य से 76 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई है।
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदी-नालों को पार करने से बचें, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहें और प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।



