ED Raid in Chhattisgarh: 140 करोड़ के नान घोटाले में रिटायर्ड IAS आलोक शुक्ला के घर ईडी की दबिश, कई डिजिटल दस्तावेज जब्त

भिलाई। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 140 करोड़ रुपए के कस्टम मिलिंग नान घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे के करीब ईडी की टीम ने रिटायर्ड आईएएस अफसर आलोक शुक्ला के भिलाई हुडको और तालपुरी स्थित आवास पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त किया है।
पहले भी हो चुकी कार्रवाई
नान घोटाले में इससे पहले ईओडब्ल्यू (EOW) ने रिटायर्ड आईएएस अनिल टुटेजा और अनवर डेबर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में अधिकारियों और मिलर्स की मिलीभगत के अहम सुराग सामने आए थे। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर अब आलोक शुक्ला के घर पर ईडी की रेड की गई है।
एंबुलेंस और दोपहिया से दिखाया धान परिवहन
जांच एजेंसियों ने खुलासा किया है कि कस्टम मिलिंग घोटाले में बड़े पैमाने पर फर्जी परिवहन बिल बनाए गए। धान के परिवहन के नाम पर जिन वाहनों को दिखाया गया, उनमें कई एंबुलेंस और दोपहिया वाहन निकले। इन फर्जी नंबरों के जरिए सरकार को करोड़ों का चुना लगाया गया। इसके अलावा धान की मिलिंग कागजों पर ही दिखाकर भुगतान उठा लिया गया।
पूर्व एमडी और मिलर्स एसोसिएशन पर भी शिकंजा
जांच एजेंसी पहले ही मार्कफेड के पूर्व एमडी मनोज सीनी और मिलर्स एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर को गिरफ्तार कर चुकी है। पूछताछ में करोड़ों रुपए के लेन-देन का जाल खुला। अब ईडी को बड़े अधिकारियों और मिलर्स की संलिप्तता के पुख्ता सबूत मिले हैं।
10 जिलों में एक साथ छापेमारी
ईडी की टीम भिलाई के साथ-साथ प्रदेश के करीब 10 जिलों में एक साथ दबिश दे रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।



