ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़: BP मशीन के डिब्बे में छिपाकर नाइजीरिया से होती थी सप्लाई, एक नाइजीरियन समेत दो गिरफ्तार

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का खुलासा किया है। कमिश्नरेट पुलिस ने एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक नाइजीरियन नागरिक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह नाइजीरिया से संचालित होकर भारत के कई राज्यों में नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क बेहद शातिर तरीके से काम करता था और ड्रग्स की तस्करी BP मशीन के डिब्बों में छिपाकर कोरियर के माध्यम से की जाती थी, ताकि किसी को शक न हो।
पहले गिरफ्तारी से खुला पूरा नेटवर्क
मामले की शुरुआत 19 मार्च को हुई, जब देवेंद्र नगर पुलिस ने एक निजी अस्पताल में छापेमारी कर दो आरोपियों को पकड़ा था। इनके पास से 4.55 ग्राम कोकीन, नकदी और वाहन बरामद हुए थे। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह सप्लाई किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह से जुड़ी है।
दिल्ली से नाइजीरिया तक फैला नेटवर्क
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि गिरोह का संचालन नाइजीरिया में बैठे एक सरगना द्वारा किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली के तिलक नगर में दबिश देकर सन्नी शर्मा और नाइजीरिया निवासी तोचकू अफामे उर्फ प्रिंस चार्ल्स को गिरफ्तार किया।
बैंक खातों का भी हो रहा था दुरुपयोग
पुलिस के अनुसार आरोपी सन्नी शर्मा ने अपना बैंक खाता कमीशन पर नाइजीरियन नागरिक को दे रखा था, जिसका उपयोग ड्रग्स के लेन-देन में किया जा रहा था। यह पूरा नेटवर्क कई राज्यों में सक्रिय था।
भारी मात्रा में नकदी और सामग्री जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से करीब 9.70 लाख रुपये नकद, 5 मोबाइल फोन और 3 चेकबुक भी जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह संगठित तरीके से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से ड्रग्स की सप्लाई कर रहा था।
2026 में बड़ी कार्रवाई
एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने वर्ष 2026 में अब तक नारकोटिक्स एक्ट के तहत 36 मामलों में 93 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बड़ी मात्रा में गांजा, एमडीएमए, कोकीन, प्रतिबंधित टैबलेट और अन्य नशीले पदार्थ बरामद किए गए हैं।
पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के बाकी सदस्यों और फंडिंग चैनल की जांच में जुटी है।



