35 साल से अंडरग्राउंड महिला माओवादी लीडर ने किया सरेंडर : बस्तर में DCM रही सुशीला रानी, तेलंगाना पुलिस के सामने लौटी मुख्यधारा में

जगदलपुर, 16 सितम्बर 2026। करीब साढ़े तीन दशक से अंडरग्राउंड चल रही महिला माओवादी वरिष्ठ नेता नक्का सुशीला रानी उर्फ लता ने आखिरकार मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। उसने अपने गृह प्रदेश तेलंगाना के निजामाबाद में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सुशीला रानी बस्तर के माड़ क्षेत्र में माओवादियों की डिविजनल कमेटी मेंबर (DCM) के रूप में सक्रिय रही थी और एजुकेशन कमेटी की प्रमुख सदस्य भी थी।
बस्तर में एंटी नक्सल ऑपरेशन के बीच सुशीला रानी ने क्षेत्र छोड़ दिया था। इसके बाद वह लंबे समय तक भूमिगत रहकर माओवादी संगठन से जुड़ी रही। आखिरकार उसने निजामाबाद कमिश्नरेट पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
पढ़ाई के दौरान माओवादी संगठन से जुड़ी
निजामाबाद जिले के बोधन की मूल निवासी सुशीला रानी ने हैदराबाद से बीएससी की पढ़ाई की थी। पढ़ाई के दौरान वर्ष 1990 में उसने माओवादी संगठन में सक्रिय सुनकारा राममोहन राव से विवाह किया। इसके दो साल बाद 1992 में दोनों अंडरग्राउंड हो गए।
बताया गया है कि नक्का सुशीला रानी उर्फ लता पर तेलंगाना में 5 लाख रुपए का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के दौरान पुलिस की ओर से उसे 25 हजार रुपए की राहत राशि भी दी गई।



