छत्तीसगढ़

मरदेल गांव के पास भालू छोड़ने पर ग्रामीणों का विरोध: 500 मीटर दूरी पर छोड़ा था, रात में 5 वनकर्मियों की ड्यूटी लगाई

बालोद, 15 सितम्बर 2026

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में गांव के करीब भालू छोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों और वन विभाग के बीच देर रात विवाद की स्थिति बन गई। मरदेल गांव से करीब 500 मीटर दूर भालू छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग की तीन गाड़ियों को रोककर विरोध जताया। ग्रामीणों ने गांव के नजदीक भालू छोड़े जाने से जान-माल के खतरे की आशंका जताई।

जानकारी के मुताबिक, बालोद वन परिक्षेत्र के रानीमाई जंगल से एक अस्वस्थ भालू का रेस्क्यू किया गया था। इसके बाद उसे उपचार के लिए रायपुर स्थित जंगल सफारी भेजा गया। इलाज के बाद भालू स्वस्थ हो गया। सोमवार रात वन विभाग की टीम उसे डौंडी वन परिक्षेत्र के मरदेल गांव के पास लेकर पहुंची और बस्ती से करीब 500 मीटर की दूरी पर छोड़ दिया।

भालू को गांव के इतने करीब छोड़े जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वन विभाग की टीम को रोककर अधिकारियों से ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर जानकारी मांगी। ग्रामीणों का कहना था कि यदि भालू गांव में घुसता है तो लोगों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। अधिकारियों की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ गया।

मामले की जानकारी मिलने पर जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी भी मरदेल पहुंचे। उन्होंने डौंडी रेंजर जीवन भोंडेकर से फोन पर चर्चा की। रेंजर ने भालू को छोड़ने की जिम्मेदारी बालोद रेंजर और अन्य अधिकारियों की बताई, जिसके बाद ग्रामीण और नाराज हो गए।

घटना के दौरान गुरुर रेंजर चंद्रशेखर भंडारी, बालोद रेंजर सरोज कुमार और दल्लीराजहरा रेंजर संतोष ठाकुर मौके पर मौजूद थे। क्षेत्रीय रेंजर जीवन भोंडेकर के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई और उनके खिलाफ नारेबाजी भी की।

स्थिति बिगड़ती देख बालोद वन विभाग के SDO किशोरी साहू देर रात मौके पर पहुंचे। उन्होंने जनपद सदस्य और ग्रामीणों से बातचीत कर मामला शांत कराया। SDO ने लिखित आश्वासन दिया कि मंगलवार को पिंजरा लगाकर भालू को पकड़ा जाएगा और उसे किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाएगा।

इसके अलावा ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए गांव में पांच वनकर्मियों की तैनाती की गई है। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में वन विभाग की जिम्मेदारी होने की बात भी कही गई। आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और वापस लौट गए।

रात में ड्यूटी के लिए सागर मंडावी, गीतेश यादव, रविशंकर निषाद, युगल किशोर सोनबरसा और रण सिंह नायक को तैनात किया गया है। मौके पर दल्लीराजहरा थाना प्रभारी सुनील तिर्की, डौंडी थाना स्टाफ और वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।

वन विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की अपील की है। साथ ही बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। विभाग के अनुसार, जल्द ही भालू को पिंजरे में पकड़कर किसी अन्य स्थान पर छोड़ने की कार्रवाई की जाएगी।

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Manish Tiwari

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