छत्तीसगढ़
Trending

CGPSC घोटाले में बलरामपुर ADM चेतन बोरघरिया गिरफ्तार : खाते में 73 लाख के लेन-देन की जांच, 16 सितंबर तक ED रिमांड

रायपुर, 11 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले की जांच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को बलरामपुर के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) चेतन बोरघरिया को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां ED ने पूछताछ के लिए 6 दिन की कस्टोडियल रिमांड मांगी। कोर्ट ने रिमांड मंजूर करते हुए उन्हें 16 सितंबर तक ED की हिरासत में भेज दिया।

जांच एजेंसी के मुताबिक, बोरघरिया के बैंक खाते में 66 लाख रुपए नकद जमा होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा CGPSC मामले में पहले गिरफ्तार किए गए उत्कर्ष चंद्राकर ने उनके खाते में 7 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। इस तरह जांच के दायरे में कुल 73 लाख रुपए के लेन-देन और संपत्ति के स्रोत को लेकर सवाल उठे हैं।

ED के अनुसार, पूछताछ में बोरघरिया ने 7 लाख रुपए की रकम को उत्कर्ष चंद्राकर से लिया गया लोन बताया है। हालांकि, ED उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं है। अब एजेंसी 66 लाख रुपए की नकद जमा राशि और 7 लाख रुपए के ट्रांसफर के वास्तविक स्रोत की जांच कर रही है।

ED के अधिवक्ता सौरभ कुमार पाण्डेय ने बताया कि CGPSC घोटाले में पदों पर चयन और परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं में पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। इसी जांच के दौरान बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच वित्तीय संबंध सामने आए हैं।

जांच में बोरघरिया की पूर्व पदस्थापना को लेकर भी जानकारी सामने आई है। ED के मुताबिक, वह पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सचिवालय में OSD के रूप में पदस्थ रहे थे। इसी अवधि में CGPSC के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी भी सचिवालय में पदस्थ थे। ED अब इन कड़ियों और कथित वित्तीय लेन-देन की पड़ताल कर रही है।

16 सितंबर को होगी अगली पेशी

छह दिन की रिमांड के दौरान ED बोरघरिया से पैसों के स्रोत, उत्कर्ष चंद्राकर से उनके वित्तीय संबंध और CGPSC घोटाले से जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करेगी। मामले में उनकी अगली पेशी 16 सितंबर 2026 को होगी।

IMG 20250811 172353
Manish Tiwari

Show More

Related Articles

Back to top button