छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों के नियम बदले: अब NOC जरूरी नहीं, सेल्फ डिक्लेरेशन से मिलेगी मान्यता, इंटरनेशनल जैसे नामों पर रोक

रायपुर, 08 सितम्बर 2026
छत्तीसगढ़ में प्राइवेट स्कूलों की मान्यता प्रक्रिया अब आसान होगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से स्कूल खोलने और मान्यता लेने के लिए NOC की अनिवार्यता खत्म कर दी गई है। स्कूल संचालकों को सुरक्षा, भवन और अन्य कानूनी मापदंडों को पूरा करने का सेल्फ डिक्लेरेशन और शपथ-पत्र देना होगा।
नए नियमों के तहत आवेदन के समय स्कूल भवन की वीडियोग्राफी कराना भी अनिवार्य होगा। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह वीडियो दिखाना होगा।
गलत जानकारी देने पर कार्रवाई
माध्यमिक शिक्षा मंडल ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में स्कूल द्वारा दी गई कोई जानकारी झूठी, भ्रामक या अधूरी पाई जाती है, तो मान्यता को तत्काल निलंबित या रद्द किया जा सकता है। इसके साथ जुर्माना और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी।
स्कूल के नाम में इन शब्दों पर रोक
निजी स्कूल अपने नाम में National, International, Navodaya, Eklavya, Prayas, Kendriya, Rashtriya, PM Shri जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय जैसे नाम भी निजी स्कूल नहीं रख सकेंगे।
मंडल के मुताबिक, ऐसे नामों से विद्यार्थियों और अभिभावकों में सरकारी संस्थानों को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है।
बीच सत्र में स्कूल बंद करने पर रोक
मान्यता मिलने के बाद कोई निजी स्कूल बोर्ड परीक्षा खत्म होने से पहले बीच सत्र में बंद नहीं किया जा सकेगा। यदि कोई स्कूल निर्धारित मापदंडों को पूरा नहीं करता है, तो कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को परीक्षा के लिए नजदीकी स्कूल से जोड़ा जाएगा।
काउंसलर और लीगल लिटरेसी क्लब भी जरूरी
नए नियमों में विद्यार्थियों और अभिभावकों के तनाव प्रबंधन के लिए स्कूल में काउंसलर की व्यवस्था जरूरी की गई है। वहीं हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार प्रत्येक स्कूल में लीगल लिटरेसी क्लब बनाना भी अनिवार्य होगा।
नए नियमों का उद्देश्य मान्यता प्रक्रिया को आसान बनाना है, लेकिन नियमों की अनदेखी और गलत जानकारी देने वाले स्कूल प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



