जन्माष्टमी आज: आधी रात जन्मेंगे कान्हा, दिल्ली-मुंबई समेत 12 शहरों में जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और समय

भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व आज 4 सितंबर, शुक्रवार को देशभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन भक्त भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत रखते हैं। जन्माष्टमी पर रात्रिकालीन पूजा का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि में हुआ था।
मान्यता है कि निशिता काल में भगवान कृष्ण का जन्म करवाने के बाद उनकी विधि-विधान से पूजा की जाती है। हालांकि, अलग-अलग शहरों में मध्यरात्रि के समय में कुछ अंतर होने के कारण पूजा के शुभ मुहूर्त में भी थोड़ा बदलाव रहता है।
जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त
जन्माष्टमी पर रात्रिकालीन पूजा के लिए निशिता काल को विशेष माना जाता है। इस वर्ष सामान्य रूप से निशिता काल रात 11:57 बजे से 12:43 बजे तक रहेगा।
आपके शहर में जन्माष्टमी पूजा का मुहूर्त
- पुणे: रात 12:10 से 12:57 बजे तक
- नई दिल्ली: रात 11:57 से 12:43 बजे तक
- चेन्नई: रात 11:45 से 12:31 बजे तक
- जयपुर: रात 12:03 से 12:49 बजे तक
- हैदराबाद: रात 11:52 से 12:38 बजे तक
- गुरुग्राम: रात 11:58 से 12:44 बजे तक
- चंडीगढ़: रात 11:59 से 12:45 बजे तक
- कोलकाता: रात 11:13 से 11:59 बजे तक
- मुंबई: रात 12:14 से 1:01 बजे तक
- बेंगलुरु: रात 11:55 से 12:42 बजे तक
- अहमदाबाद: रात 12:16 से 1:02 बजे तक
- नोएडा: रात 11:57 से 12:42 बजे तक
जन्माष्टमी व्रत में रखें इन बातों का ध्यान
जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को कुछ नियमों का ध्यान रखना चाहिए। व्रत के दौरान अनाज का सेवन नहीं करने की परंपरा है। घर में सात्विक वातावरण बनाए रखना चाहिए और तामसिक चीजों से बचना चाहिए।
भोजन में लहसुन-प्याज का इस्तेमाल न करने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा शराब और अन्य नशीले पदार्थों से भी दूर रहना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन क्रोध, अहंकार, छल-कपट और ईर्ष्या जैसे भावों से बचना चाहिए तथा किसी के प्रति कटु वाणी का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
रात में निशिता काल के दौरान भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाकर बाल गोपाल की पूजा, आरती और भोग लगाया जाता है। इसके बाद भक्त प्रसाद ग्रहण कर अपना व्रत खोलते हैं।



