विशेष लेख : जशपुर में 97 हजार परिवारों को मिला पक्का मकान, पीएम आवास योजना से बदली हजारों लोगों की जिंदगी

रायपुर, 27 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों का पक्के मकान का सपना साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले में अब तक 1 लाख 12 हजार 922 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 हजार 165 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। कभी कच्चे मकानों में रहने वाले परिवार अब पक्की छत के नीचे सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। विशेष रूप से जनजातीय बहुल जशपुर जिले में यह योजना ग्रामीण परिवारों को आवासीय सुरक्षा देने के साथ उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
बारिश में टपकती छतों से मिली मुक्ति, परिवारों को मिला सुरक्षा का भरोसा
जशपुर जिले के ग्रामीण और दूरस्थ वनांचलों में कई परिवार वर्षों तक कच्चे मकानों में रहने को मजबूर थे। बारिश के दौरान छतों से पानी टपकना, दीवारों में सीलन और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की चिंता उनकी रोजमर्रा की परेशानी थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इन परिवारों के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने से ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिली है। अब महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित आवास मिल रहा है। इसके साथ ही स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी सुविधाओं का लाभ मिलने से ग्रामीण परिवारों के जीवन में भी सुधार हो रहा है।
पीएम-जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिला पक्के घर का सहारा
जशपुर जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। इस योजना के तहत वर्ष 2023 से 2025 के दौरान जिले में 2,113 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1,626 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं।
योजना से विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। पक्का मकान मिलने से इन परिवारों को मौसम की कठिन परिस्थितियों से सुरक्षा मिल रही है और सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्राप्त हो रहा है।
पीएम-जनमन का उद्देश्य केवल आवास उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना भी है। इसके तहत पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, सड़क, दूरसंचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
पहारु राम का सपना हुआ पूरा, कच्चे मकान से पक्के आशियाने तक पहुंचे
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत पंड्रापाठ निवासी पहारु राम के परिवार के लिए पक्का मकान किसी सपने से कम नहीं था। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने के दौरान उनके परिवार को बारिश, ठंड और गर्मी में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण पक्का घर बनाना मुश्किल था।
वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ। योजना की सहायता से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। अब पहारु राम अपने परिवार के साथ सुरक्षित घर में रह रहे हैं।
उनकी कहानी बताती है कि सरकारी आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि सुरक्षित और बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आवास प्लस 2.0 से छूटे हुए परिवारों को भी मिलेगा लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में ऐसे पात्र परिवारों को शामिल करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, जो पहले किसी कारणवश योजना का लाभ नहीं ले पाए थे। इसी उद्देश्य से जशपुर जिले में आवास प्लस 2.0 के तहत 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया गया है।
सर्वेक्षण में शामिल परिवारों को निर्धारित पात्रता, प्राथमिकता और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले पात्र परिवारों को पक्का घर मिलने की उम्मीद मजबूत हुई है।
पक्का मकान मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को भी बढ़ावा
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ केवल घर मिलने तक सीमित नहीं है। सुरक्षित आवास से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को सुविधा मिलती है और बुजुर्गों को सुरक्षित जीवन जीने का अवसर मिलता है।
इसके अलावा मकान निर्माण से स्थानीय स्तर पर निर्माण सामग्री, परिवहन और श्रमिकों की मांग बढ़ती है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलता है।
97 हजार से अधिक आवास पूरे, हजारों परिवारों के जीवन में आया बदलाव
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास निर्माण को गति मिली है। जिले में अब तक 97 हजार 165 आवास पूरे हो चुके हैं। वहीं पीएम-जनमन के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा रहा है और आवास प्लस 2.0 के जरिए छूटे हुए पात्र परिवारों की पहचान की गई है।
कभी जिन परिवारों के लिए पक्की छत एक सपना थी, आज वे अपने घरों में सुरक्षित जीवन बिता रहे हैं। जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना हजारों परिवारों के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद बनकर उभरी है।



